Sunday, 15 September 2019

क्रिकेट की 6 ऐसी घटनाएं, जो आपको हंसने पर कर देंगी मजबूर। नंबर 1, 3 और 4 हैं सबसे मजेदार।

1. जावेद मियांदाद और डेनिस लिली।
ऑस्ट्रेलिया की स्लेजिंग की कहानियों की शुरुआत काफी साल पहले ही हो चुकी थी। यह घटना भी काफी पुरानी है। दरअसल, पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच सन् 1981 में ऑस्ट्रेलिया के पर्थ में, पहला टेस्ट मैच खेला जा रहा था। पाकिस्तान के दूसरे पारी में जब जावेद मियांदाद बल्लेबाजी के लिए उतरे, तभी से मैदान पर काफी गहमागहमी शुरू हो गई। डेनिस लिली काफी अच्छी गेंदबाजी कर रहे थे। लेकिन बल्लेबाजी पर उतरे दोनों बल्लेबाज, जावेद मियांदाद और मनसूर अख्तर उनके गेंद को काफी अच्छे से खेल रहे थे। विकेट ना मिलने पर डेनिस लिली अपना आपा खो बैठे और जब जावेद मियांदाद ने 1 रन चुराने की कोशिश की, तब डेनिस लिली बीच में जबरदस्ती आकर जावेद मियांदाद से टकरा गये। जावेद मियांदाद भी स्वभाव से काफी गुस्सैल थे। डेनिस लिली के इस हरकत से उन्होंने भी अपना आपा खो दिया। दोनों के बीच हुए इस गहमागहमी में डेनिस लिली ने अपना पैर जावेद मियांदाद को दे मारा। जिससे गुस्से में आकर जावेद मियांदाद ने भी अपना बल्ला उठा लिया और डेनिस लिली को मारने को उतारू हो गए। वह तो बीच में अंपायर आ गए। जिससे बात आगे नहीं बढ़ी। लेकिन यह घटना क्रिकेट के दीवाने आज भी याद करते हैं।

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2. जावेद मियांदाद भी कोई संत नहीं थे।
जब जावेद मियांदाद सन् 1991 में ऑस्ट्रेलिया के एडिलेड टेस्ट दौरे पर थे। तब जावेद मियांदाद ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाज मर्व ह्यू को बार-बार "मोटा बस कंडक्टर" कहकर चिढ़ा रहे थे। जल्द ही मर्व ह्यू ने जावेद मियांदाद को आउट कर दिया। जब जावेद मियांदाद पवेलियन की ओर वापस लौट रहे थे। तब मर्व ह्यू, जावेद मियांदाद के पास गए और कहा कि, "टिकट प्लीज"। जावेद मियांदाद गुस्से से तिलमिला उठे लेकिन इस बार कह कुछ नहीं सके।

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3. रामनरेश सरवन और ग्लेन मैकग्राथ।
12 मई 2003 को खेले गए टेस्ट मैच में, वेस्टइंडीज के रामनरेश सरवन और ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाज ग्लेन मैग्राथ के बीच एक बुरा विवाद देखने को मिला। दरअसल, रामनरेश सरवन ने स्क्वायर लेग की तरफ एक शॉट खेला और 1 रन लेने के लिए दौड़े। लेकिन जैसे ही सरवन, मैकग्राथ के पास से गुजर रहे थे। तो मैग्राथ ने उन्हें एक भद्दा कमेंट किया। मैकग्राथ ने सरवन से पूछा कि, "ब्रेन लारा का स्वाद कैसा है?"
लेकिन मैकग्राथ की उम्मीद से परे सरवन ने भी उन्हें तत्काल जवाब दे दिया और कहा कि, "मैं नहीं जानता, अपनी बीवी से पूछो।" सरवन के इस जवाब ने मैकग्राथ को झकझोर दिया। क्योंकि उसी वक्त मैग्राथ की बीवी जेन बहुत बीमार थी। मैकग्राथ सरवन की इस टिप्पणी को सह नहीं पाए और सरवन को गाली देकर उंगली दिखाने लगे। दोस्तों इसीलिए कहा जाता है कि, बोलो उतना ही जितना सह सको।

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4. वीरेंद्र सहवाग और सौरव गांगुली
साल 2002 में, भारत और इंग्लैंड के बीच नेटवेस्ट ट्रॉफी का फाइनल मैच खेला जा रहा था। इंग्लैंड ने भारत के सामने 325 रनों का विशाल लक्ष्य रखा था। गांगुली बतौर कप्तान चाहते थे कि, सहवाग और वह टिककर खेलें ताकि मैच जीता जा सके। इसलिए उन्होंने सहवाग से कहा कि "देख, आराम से टिक कर खेलेंगे तो मैच आसानी से जीत जाएंगे।" लेकिन दोस्तों, सहवाग को तो आप जानते ही हैं कि, वह बात मानने वालों में से कहां है। 14वें ओवर की पहली गेंद पर गांगुली की बात को नकारते हुए, उन्होंने जोरदार बल्ला घुमाया और एक चौका जड़ दिया। गांगुली फिर सहवाग के पास आते हैं और कहते हैं कि, "देख, पहली गेंद पर चौका आ चुका है, तो अब 1 रन ले लेना भाई।" लेकिन सहवाग तो सहवाग, वह कहां मानने वाले। दूसरी गेंद पर भी उन्होंने एक चौका जड़ दिया। गांगुली ने सहवाग की तरफ गुस्से से देखा और फिर आराम से खेलने को कहा। सहवाग ने तीसरी बार ने फिर एक चौका जड़ दिया। इस बार गांगुली सहवाग के पास गुस्से में आए और कहा, "क्यों जल्दी करता है यार, आराम से खेल ना और अब 1 रन ले ले।" सहवाग ने गांगुली से कह तो दिया कि, "ठीक है।" लेकिन अगले ही गेंद पर सहवाग ने फिर चौका जड़ दिया। लेकिन इस बार गांगुली ने उन्हें कुछ भी नहीं कहा। क्योंकि गांगुली समझ चुके थे कि, इस इंसान को कितना भी कुछ समझा लो लेकिन करेगा वह अपनी ही मर्जी का। भारत फाइनल का यह मुकाबला आसानी से जीत गई थी।

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5. सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली
सचिन तेंदुलकर ने अपने आत्मकथा "प्लेयिंग इट माई वे" में सौरव गांगुली के साथ हुए एक मजेदार और दर्दनाक घटना के बारे में बताया। सचिन ने अपनी इस किताब में बताया कि, "एक बार पाकिस्तान के गेंदबाज शोएब अख्तर के घातक बाउंसर ने मुझ पर करारा प्रहार किया। गेंद ने तेजी से मेरे पसलियों पर प्रहार किया। मुझे बाद में पता चला कि, मेरी पसलियां टूट चुकी है। लेकिन गांगुली को यह बात पता नहीं थी। तो वह मेरे पास आए और मेरा मनोबल बढ़ाने के लिए कहा"तू चैंपियन है रे, तू चैंपियन है।" सचिन ने गांगुली को फौरन जवाब दिया, "चुप करो, पहले मुझे थोड़ा ठीक तो होने दो।" दोस्तों, मनोबल बढ़ाना अच्छा है, लेकिन अगर इंसान शारीरिक दर्द झेल रहा हो, तो मनोबल बढ़ाना मानो और गुस्सा दिलाना होता है।

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6. रोहित शर्मा ,धवल कुलकर्णी और मैथ्यू वेड।
वर्ल्ड कप 2019 में जाने से पहले शिखर धवन और रोहित शर्मा भारत के बहुचर्चित प्रस्तुतकर्ता गौरव कपूर के शो "ब्रेकफास्ट विद चैंपियंस" में गए। रोहित शर्मा ने तब धवल कुलकर्णी और ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर मैथ्यू वेड के बीच हुए मजेदार घटना का जिक्र किया।

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रोहित शर्मा ने बताया कि, दरअसल जब ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच अभ्यास मैच खेला जा रहा था। तब ऑस्ट्रेलियाई विकेटकीपर बल्लेबाजी कर रहे थे और धवल कुलकर्णी गेंदबाज़ी कर रहे थे। दरअसल बार-बार गेंद मैथ्यू के बल्ले का किनारा लेते हुए चौके के लिए चली जा रही थी और तब धवल कुलकर्णी, मैथ्यू का मनोबल गिराने के लिए बार-बार उन्हें कुछ टिप्पणी कर रहे थे। लेकिन जैसा कि आप सब जानते हैं दोस्तों कि, हम भारतीय अंग्रेजी में कितने सक्षम है। यही हुआ धवल कुलकर्णी के साथ। दरअसल मैथ्यू, धवल के द्वारा किए गए किसी भी टिप्पणी को समझ नहीं पा रहे थे और बार-बार धवल कुलकर्णी से पूछ रहे थे कि, "पार्डन (क्षमा करना) दोस्त, तुम क्या कह रहे हो? पार्डन,पार्डन।" धवल कुलकर्णी झल्ला उठे और तपाक से कहा कि, "क्या पार्डन पार्डन, तुम जाओ गार्डन (बगीचा)।" दोस्तों, रोहित शर्मा यह बताते हुए खुद भी हंसने लगे। दोस्तों इस से यह तो बिल्कुल जाहिर है कि क्रिकेटरों की भी अंग्रेजी कितनी तंग है।
दोस्तों, कमेंट करिए और बताइए कि आप को इनमें से सबसे मजेदार घटना कौन सा लगा।