Sunday, 15 September 2019

विश्व का एकलौता भारतीय खिलाड़ी जो सर डॉन ब्रेडमैन पर भी पड़ रहा था भारी, पूरी दुनिया इज्जत से लेती है नाम


की शुरुआत अंग्रेजों की गुलामी की जंजीरों में ही हो चुकी थी। भारतीय क्रिकेट टीम ने 1932 में इंटरनेशनल क्रिकेट की शुरुआत कर दी थी लेकिन तब भारत अंग्रेजों का गुलाम था। लेकिन बात जब आजाद भारत के पहले कप्तान की हो तो इसे भी हर कोई जानना चाहेगा।

आजाद भारत के पहले कप्तान थे लाला अमरनाथ

भारत अंग्रेजों की गुलामी से साल 1947 में आजाद हुआ लेकिन उससे पहले भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी और महाराज कुमार और इफ्तिखार अली खान पटौदी ने की थी।

लेकिन जैसे ही भारत आजाद हुआ भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी पूर्व महान क्रिकेटर लाला अमरनाथ को मिली। लाला अमरनाथ एक फुर्तीले फील्डर, दमदार बल्लेबाज, उपयोगी गेंदबाज और बेखौफ कप्तान के रूप में जाने जाते हैं।

भारतीय क्रिकेट में लाला अमरनाथ का रहा है बड़ा योगदान

भारत के आजाद होने के बाद पहले कप्तान रहे लाला अमरनाथ के जन्म के आज पूरे 108 साल हो गए हैं। लाला अमरनाथ का जन्म 11 सितंबर 1911 को कपूरथला में हुआ था। इन्होंने 19 साल तक भारतीय क्रिकेट टीम के लिए योगदान दिया।

ने अपने इंटरनेशनल क्रिकेट करियर में 24 टेस्ट खेलने में सफलता हासिल की जिसमें उन्होंने 24.38 की औसत से 878 रन बनाए तो इसके अलावा उन्होंने 45 विकेट भी झटके। तो वहीं उन्होंने 186 प्रथम श्रेणी मैच खेले। इसमें लाला ने 10426 रन बनाए जिसमें 31 शतक शामिल रहे तो वहीं गेंदबाजी में 463 विकेट हासिल किए।

ये हैं लाला के करियर के वो 5 फैक्ट्स जो जानना चाहते हैं आप

लाला अमरनाथ का निधन 19 साल पहले साल 2000 में हुआ लेकिन उन्होंने अपने करियर में कई कीर्तिमान को अंजाम दिया। आपको इस रिपोर्ट में अमरनाथ के करियर से जुड़े 5 फैक्ट्स से आपको करवाते हैं रूबरू….
#1. भारतीय क्रिकेट टीम के लिए टेस्ट क्रिकेट इतिहास का पहला शतक लाला अमरनाथ के बल्ले से ही निकला था। लाला अमरनाथ ने अपने डेब्यू मैच में ही शतकीय पारी खेली थी जब उन्होंने 1933 में इंग्लैंड के खिलाफ 118 रन बनाए थे।
#2. आजाद भारत के पहले कप्तान रहे लाला अमरनाथ ना केवल एक बेहतरीन बल्लेबाज थे बल्कि एक उपयोगी गेंदबाज भी हुए थे। उनकी गेंदबाजी की सटीकता ने उन्हें काफी लोकप्रिय बनाया, उनके नाम एक ऐसा दिलचस्प रिकॉर्ड है जो और किसी खिलाड़ी के पास नहीं है। सर डॉन ब्रैडमैन को हिटविकेट करने वाले लाला इकलौते गेंदबाज रहे। जब उन्होंने 1947 में ब्रिस्बेन टेस्ट के दौरान डॉन को हिटविकेट किया था।

#3. भारत के महान क्रिकेटर रहे विजय मर्चेट के टीम में होने के बाद भी लाला अमरनाथ को भारतीय टीम का कप्तान बनाया गया जो ऑस्ट्रेलिया के दौरे पर टीम के साथ गए। दौरे से पहले प्रैक्टिस मैचों में लाला ने विक्टोरिया के खिलाफ 228 और क्वींसलैंड के खिलाफ 172 रन बनाए। जिसके बाद ऑस्ट्रेलिया के ही एक अखबार ने लिखा कि इस बार ऑस्ट्रेलिया के फैंस डॉन ब्रैडमैन नहीं बल्कि लाला अमरनाथ की बल्लेबाजी देखने को उत्सुक हैं।
#4 . लाला अमरनाथ वैसे तो अपने करियर में बहुत ही साफगोई खिलाड़ी रहे लेकिन उनके साथ एक विवाद जरूर जुड़ ही गया। उस विवाद ने तो उन्हें 12 साल तक क्रिकेट से दूर रखा। साल 1935 में इंग्लैंड के दौरे पर तात्कालिन कप्तान महाराज कुमार ने उन्हें अनुशासनहीनता के कारण टीम से बाहर कर स्वदेश भेज दिया। लाला ने आरोप लगाया था कि उन्हें राजनीति कारणों से टीम से बाहर किया गया, जब वो 12 साल तक दूर रहने के बाद प्रथम श्रेणी क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन से उन्हें 1946-47 में इंग्लैंड दौरे पर टीम में जगह मिली।
#5. भारत के सबसे बड़े चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को हराने वाले पहले कप्तान लाला अमरनाथ ही रहे थे। लाला अमरनाथ की कप्तानी में भारत ने 1952 में घरेलू सीरीज को 2-1 से अपने नाम किया था।