Wednesday, 13 November 2019

500 साल पहले ही हो गई थी इस लड़की की मौत, लेकिन आज भी निकलता है शरीर से खून

दोस्तों क्या आपको पता है कि आप कहां रहते हैं ? इस सवाल को पूछने के बाद बहुत से लोगों का जवाब होगा कि हम भारत में रहते हैं. कुछ लोग यह भी कहेंगे कि हम धरतीवासी हैं, तो वह कुछ कहेंगे कि हम इस ब्रह्मांड के एक छोटे से ग्रह में रहने वाले प्राणी है. बता दे कि जिसकी सोच जहां तक होती है वह हमारे बारे में वही बताता है. लेकिन सही मायने में देखा जाए तो हम जहाँ रह रहे हैं, वह किसी पहेली से कम नहीं है. इस पहेली को सुलझाना और समझना किसी के बस की बात नहीं.

Third party image reference
दोस्तों हम आपको बता दें कि आज भी ऐसा कोई इंसान नहीं है जो यह बता दे कि संसार में कैसी-कैसी उत्पत्तिया हो चुके हैं और वर्तमान में हैं, लेकिन समय के साथ-साथ आप धीरे-धीरे कहीं ना कहीं से नई-नई रहस्यमई चीजें के बारे में हम सबको मालूम होते रहता है जिन पर हमें विश्वास करना मुश्किल होता है.
दोस्तो आज के हमारे इस पोस्ट में हम आपको एक ऐसा ही किस्सा बताने वाले हैं लेकिन इससे पहले आप खुद को यह समझा ले कि आप इस बात पर विश्वास कर पाएंगे या फिर नहीं. बता दे कि यह कहानी एक 15 साल की लड़की की है, जिसका शव साल 1999 में अर्जेंटीना के ज्वालामुखी के ढेर में मिला था लेकिन दोस्तों वैज्ञानिकों ने जब उसके शव का परीक्षण किया तो बेहद चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है.

Third party image reference
आपको बता दें कि वैज्ञानिकों का ऐसा कहना है कि 15 साल की यह लड़की उस ढेर में पिछले 500 सालों से पड़ी थी. दोस्तों भले ही आपको 500 साल सुनकर आपका भी दिमाग चकरा गया होगा लेकिन यह सच है. वैज्ञानिकों का यह भी कहना है कि जब लड़की का शव ढेर से निकाला गया तो शरीर की हालत से यह लग रहा था कि उसकी मौत अभी कुछ दिनों पहले ही है, लेकिन जब इस लड़की के शरीर की जांच की गई तो ऐसा पाया गया कि शरीर में अभी भी उस लड़की के अंदर खून है और खून में टीवी के बैक्टीरिया भी मौजूद हैं.

Third party image reference
दोस्तों आपको बताते चले कि इस लड़की ने वैज्ञानिकों को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर 500 साल बाद भी लड़की के शरीर में टीवी के बैक्टीरिया आखिर कैसे जिंदा रह सकते हैं. दोस्तों फिलहाल तो इस लड़की के खून की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसके खून में टीवी के बैक्टीरिया कैसे मौजूद हैं. डॉक्टरों का यह भी मानना है कि शायद उस लड़की के खून से किसी बीमारी का इलाज ढूंढने में सफलता हासिल हो सकती है.