Thursday, 21 November 2019

मंदिरों में फोटो लगाकर इस भारतीय अभिनेता की पूजा करने लगे थे लोग, जानिए कौन हैं ये

रामानंद सागर की रामायण ने भारत में इतिहास रच दिया था। यूं तो कई सारे सीरियल रामायण पर बने, लेकिन दर्शकों के दिल में जो जगह रामानंद सागर की रामायण ने बनाई वो कोई और बनाने में नाकामयाब रहा। लोग शायद ही रामानंद सागर की रामायण को कभी भूल सकेंगे। रामायण का हर किरदार दर्शकों के दिल में उतर गया था। फिर चाहे वो भगवान राम बने अरुण गोविल हों, या फिर रामभक्त हनुमान बने दारा सिंह हो। आज हम दारा सिंह के बारे में ही बात करेंगे।

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दारा सिंह का जन्म हुआ था 19 नवंबर 1928 में। 84 साल की उम्र में 12 जुलाई 2012 को इनकी मृत्यु हुई थी। बचपन से ही दारा सिंह को कुश्ती का बहुत शौक था। मजबूत कद काठी के दम पर इन्होंने आगे चलकर कुश्ती में अपना खूब नाम बनाया और आगे चलकर दारा सिंह विश्व चैंपियन भी बने। 

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कुश्ती में जब विश्वस्तर पर इनका नाम हो गया तो इन्हें फिल्में मिलनी भी शुरू हो गई। और फिर 50 के दशक में ये फिल्मों में काम करना भी शुरू कर चुके थे। 2007 में आई फिल्म जब वी मेट उनकी आखिरी फिल्म थी। भारत सरकार की तरफ से फिल्म जग्गा के लिए दारा सिंह को बेस्ट एक्टर का खिताब भी मिला था।

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दारा सिंह ने छोटे पर्दे पर भी काम किया था। रामानंद सागर के एपिक सीरियल रामायण में इन्होंने हनुमान का किरदार निभाया था। हनुमान के किरदार में लोगों ने दारा सिंह को इतना पसंद किया कि कई लोग तो इनकी पूजा तक करने लगे थे। जिस वक्त दारा सिंह को हनुमान के रोल के लिए रामानंद सागर ने चुना था, उस वक्त उनकी उम्र 60 साल थी। रामानंद सागर ने फोन कर उन्हें इस बात की जानकारी दी थी।

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रामायण में भगवान हनुमान के किरदार में दारा सिंह इतने ज़्यादा लोकप्रिय हुए कि उनकी हनुमान वाली तस्वीरें कई मंदिरों में लगने लगी। कई मंदिरों में तो इनकी मूर्तियां भी लगने लगी। दारा सिंह को एक तगड़ी रकम रामायण के हनुमान के किरदार को निभाने के लिए मिली थी। अपने फिल्मी करियर में इन्होंने 100 से भी अधिक हिंदी और पंजाबी भाषा की फिल्मों में काम किया था।