Monday, 25 November 2019

लाजवंती नाम का ये पौधा कई बीमारियों को कर देता है ठीक, जानिए क्या हैं इसके फायदे.

लाजवन्ती के खास बात यह है कि बूटी को हाथ लगाते ही यह सिकुड़ जाती है और हाथ हटाने पर फिर अपनी पूर्व अवस्था में आ जाती है, यही इस बूटी की खास पहचान है। इस प्रजाति के पौधे अनेक रुपों में मिलते हैं। इसके फूल गुलाबी रंग के तथा छोटे होते हैं। इसकी जड़ स्वाद में अम्लिय तथा कठोर होती है। चरक संहिता के संधानीय एवं पुरीषसंग्रहणीय महाकषाय में तथा सुश्रुत संहिता के प्रियंग्वादि व अम्बष्ठादि गणों में इसकी गणना की गई है।
हमारे आसपास कई ऐसे पेड़ पौधे मौजूद हैं, जो हमारी सेहत के लिए किसी वरदान से कम नही है, आज हम आपको एक ऐसे ही खास पौधे के बारे में बताने वाले हैं, जो बीमारी पर खर्च होने वाले आपके लाखों रुपये बचा एकता है, इस पौधे का नाम है लाजवंती, जिसे कई स्थानों पर छुईमुई के नाम से भी जाना जाता है, ये पौधा कई बीमारियों को खत्म करने में सहायक है, यह पौधा भारत के हर हिस्से में आसानी से मिल जाता है, चलिए जान लेते हैं इसके फायदे। छुईमुई की जड़ और पत्तों का चूर्ण बनाकर दूध के साथ दिन में दो बार सेवन करने से बवासीर और भगंदर जैसे रोग खत्म हो जाते हैं, अगर खांसी हो तो छुईमुई की जड़ के टुकड़े को माला बनाकर गले में पहनने से खांसी से आराम मिलता है, बस ध्यान रहे की जड़ का टुकड़ा त्वचा से स्पर्श करते रहना चाहिए, इसके अलावा इसकी जड़ को घिसकर शहद के मिलाकर चाटने से भी खांसी खत्म हो जाती है.

Third party image reference
अगर गले में कोई परेशानी हो तो इसकी पत्तियों को चबाने से आराम मिलता है, अगर इसकी 300 ग्राम पत्तियों को 100 मिली पानी में उबालकर काढ़ा बनाकर सेवन किया जाये तो इससे मधुमेह में आराम मिलता है, छुईमुई और अश्वगंधा की जड़ को समान मात्रा में लेकर पीसकर लेप किया जाये हर प्रकार की गांठ में आराम मिलता है, छुईमुई की जड़ के 3 ग्राम चूर्ण को दही के साथ मिलाकर खाने से दस्त में राहत मिलती है।
स्वास्थ्य संबंधित ऐसी जानकारी और बी पाने के लिए हमारे चैनल को फॉलो करना ना भूलिए गा.