Sunday, 17 November 2019

इस टीम पर चली थीं आतंकी गोलियां, फिर दोबारा इस देश में टेस्ट क्रिकेट की शुरुआत करने जा रही है

पूरे 10 साल बाद पाकिस्तान की सरजमीं पर एक बार फिर टेस्ट क्रिकेट की वापसी होने वाली है. आखिरी बार पाकिस्तान ने अपने घर में टेस्ट क्रिकेट मार्च 2009 में खेला था. यह मैच लाहौर के गद्दाफ़ी स्टेडियम में पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच खेला गया था. अब एक बार फिर से श्रीलंका की टीम ने पाकिस्तान में टेस्ट क्रिकेट का सूखा खत्म करने का जिम्मा उठा लिया है. श्रीलंका की टीम दिसंबर, 2019 में 2 मैचों की सीरीज खेलने के लिए पाकिस्तान के दौरे पर जाने वाली है पहला टेस्ट 11 से 15 दिसंबर तक रावलपिंडी स्टेडियम में खेला जाएगा.

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जबकि दूसरा मुकाबला 19 से 23 दिसंबर तक कराची के नेशनल स्टेडियम में होगा. श्रीलंका ने पहले अक्टूबर में टेस्ट खेलने का प्लान बनाया था. जबकि वनडे और T-20 के लिए टीम को दिसंबर में वापस आना था. बाद में इस प्लान में फेर-बदल कर दिया गया. बात साल 2009 की है. श्रीलंका की टीम 3 वनडे और 2 टेस्ट मैचों की सीरीज़ खेलने पाकिस्तान पहुंची थी. वनडे सीरीज को श्रीलंका ने 2-1 से जीत लिया था. 1 मार्च को दूसरा टेस्ट लाहौर के गद्दाफ़ी स्टेडियम में शुरू हुआ. इसी मैच के बीच में कुछ ऐसा हुआ कि पाकिस्तान में क्रिकेट के भविष्य पर ग्रहण लग गया.

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पाकिस्तान ने टॉस जीतकर श्रीलंका को बैटिंग के लिए बुलाया. समरवीरा के दोहरे जबकि संगकारा और दिलशान के शतकों की बदौलत श्रीलंका ने 606 रन बनाए. पाकिस्तान ने टेस्ट का दूसरा दिन 1 विकेट पर 110 रन बनाकर खत्म किया. दोनों टीमें तीसरे दिन के खेल के लिए तैयार थीं. होटल और स्टेडियम के बीच 10 किलोमीटर की दूरी थी. टीम होटल से निकली. 42 सीटों वाली बस में श्रीलंका की टीम और मैच के अधिकारी बैठे. प्लेयर्स खेल की प्लानिंग में मशगूल थे. तभी एक गोली चली. हर कोई सन्नाटे में था. उसके बाद तो गोलियों की बरसात शुरू हो गई थी. खिलाड़ी बस की फर्श पर लेट गए थे.
अभी स्टेडियम 1 किलोमीटर दूर था. स्टेडियम में बैठे दर्शकों को भी गोलियों की आवाज सुनाई पड़ रही थी. लेकिन उन्हें अंदाजा ही नहीं था कि वे जिन्हें खेलते देखने स्टेडियम की सीट पर चिपके बैठे थे, उनकी जान खतरे में है. ड्राइवर ने गोलियों की बरसात के बीच से बस को निकाल लिया. श्रीलंका की टीम किसी तरह से स्टेडियम में पहुंच गई. इस हमले में आठ लोग मारे गए थे और कई लोग घायल भी हुए जिनमें खिलाड़ी भी शामिल थे.
पाकिस्तान में अफरा-तफरी मच गई. मैच को तुरंत रद्द कर दिया गया. गद्दाफ़ी स्टेडियम की पिच पर हेलिकॉप्टर उतरा. पाकिस्तानी कमांडोज़ की निगरानी में श्रीलंकाई प्लेयर्स को एयरलिफ्ट किया गया. इसके बाद पाकिस्तान में इंटरनेशनल क्रिकेट की संभावना पर बात बंद हो गई. कोई भी टीम पाकिस्तान में क्रिकेट खेलने के लिए तैयार नहीं थी. 2011 का वर्ल्ड कप भारत, श्रीलंका, बांग्लादेश के अलावा पाकिस्तान में भी खेला जाने वाला था. लेकिन इस हमले के बाद पाकिस्तान का नाम मेजबानों की लिस्ट से डिलीट कर दिया गया. 2009 के इस हमले के बाद पाकिस्तान के घरेलू मैच शारजाह, दुबई और अबूधाबी में आयोजित हो रहे हैं. 2010 में पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज इंग्लैंड में खेली गई थी.