Tuesday, 3 December 2019

हैदराबाद रेप-मर्डर केस: 3 घंटे तक महिला डॉक्टर के लौटने का इंतजार करते रहे आरोपी


सामूहिक दुष्कर्म के बाद जलाई गई पशु चिकित्सक महिला डॉक्टर राधिका (बदला हुआ नाम) का चारों आरोपी पहले से तेंदुपल्ली टोल पर लौटने का इंतजार कर रहे थे। देश को दहलाने वाले इस मामले में पुलिस ने चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है...
हैदराबाद(विशेष) : सामूहिक दुष्कर्म के बाद जलाई गई पशु चिकित्सक महिला डॉक्टर राधिका (बदला हुआ नाम) का चारों आरोपी पहले से तेंदुपल्ली टोल पर लौटने का इंतजार कर रहे थे। देश को दहलाने वाले इस मामले में पुलिस ने चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान मोहम्मद आरिफ (26), शिवा जोलु (20), नवीन जोलु (22) और चिंतकुंता चेन्नाकेशवुलु (20) के रूप में हुई है। चारों नारायणपेट जिले के रहने वाले हैं तथा पड़ोसी हैं।
हैदराबाद में डिलीवरी देने आए थे
साइबराबाद पुलिस के कमिश्नर वी सज्जनार के अनुसार लॉरी चालक मोहम्मद आरिफ मंगलवार को हैदराबाद में डिलिवरी देने आया था। जिसे माल उतरवाना था उसका फोन नहीं मिल रहा था, ऐसे में वे अपने सहायक शिवा जोलु और दो अन्य साथियों नवीन और चेन्नाकेशवुलु के साथ तोंदुपल्ली टोल के पास ही रुक गया था।

शाम छह बजे राधिका को देखा
शाम करीब छह बजे चारों ने डॉक्टर राधिका को टोल पर अपनी स्कूटी पार्क करते देखा। पुलिस के अनुसार तभी चारों ने उसके लिए प्लान बना लिया और एक साथ बैठकर शराब पी। प्लान के मुताबिक नवीन ने स्कूटी के टायर को पंक्चर कर उसकी हवा निकाल दी और चारों उसके लौटने का इंतजार करने लगे। करीब 9:15 बजे डॉक्टर गचिबोवली से लौटी। उसने स्कूटी को देखा और निराशा से छोड़ दिया। तभी आरिफ लॉरी से निकलकर उसके पास आया और कहा कि वह टायर ठीक करवा देता है। इसके बाद उसने अपने क्लीनर शिवा को उसके पास भेजा। इसी दौरान डॉक्टर ने अपनी छोटी बहन को फोन कर मदद करने वाले की बात बताई थी।
15 मिनट चली दोनों बहनों में बात
डॉक्टर और उसकी छोटी बहन के बीच 15 मिनट तक बातचीत चली और उसके बाद 9:40 बजे फोन बंद हो गया। तब आरिफ, नवीन और चेन्नाकेशवुलु उसे जबरदस्ती पास के ही एक परिसर में ले गए थे और दुष्कर्म किया।
दुष्कर्म के दौरान ही हुई मौत
पुलिस के अनुसार डॉक्टर से चारों आरोपियों ने बारी-बारी बलात्कार किया। इस दौरान आरिफ उसके मुंह और नाक को पूरी ताकत से दबाए रहा। दम घुटने से उसकी मौत हो गई। मौत के बाद आरिफ और चेन्नाकेशवुलु ने शव को उठाकर लॉरी के केबिन में डाला और कंबल से ढक दिया। लॉरी 10:28 बजे टोल के गेट के पास पहुंची तब उसमें डॉक्टर का शव मौजूद था। शिवा और नवीन स्कूटी पर थे। 10:28 बजे पहले शिवा, नवीन ने टोल पार किया फिर 10:33 बजे लॉरी भी टोल पार कर शादनगर की ओर बढ़ गई।

पेट्रोल खरीदने के लिए रुके
रात एक बजे के करीब आरोपी नंदीगाम के एसआर पेट्रोल पंप पर पेट्रोल खरीदने के लिए रुके मगर सेल्समैन को वे संदिग्ध लगे और उसने उन्हें पेट्रोल देने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने कोथुर के इंडियन ऑयल के पेट्रोल पम्प से पेट्रोल खरीद लिया।
लॉरी से भी डीजल निकाला
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों ने बोतल में लॉरी से डीजल भी निकाला। पेट्रोल पम्प के कर्मचारी भी इस केस में महत्वपूर्ण गवाह हैं।

लौटकर शादनगर की तरफ
पेट्रोल लेने के बाद आरोपी यू-टर्न लेकर शादपुर की ओर वापस चल पड़े। रास्ते में अंडर पास में उन्होंने लॉरी रोक दी। उन्होंने कंबल सहित शव को नीचे उतारा और पेट्रोल तथा डीजल छिड़ककर उसमें आग लगा दी। तब रात 2:00 बजे से 2:30 बजे के बीच का वक्त था। शव को जलता छोड़ चारों कोथुर के पास पहुंचे और वहां स्कूटी को जला दिया गया। उसके बाद अरामगढ़ जंक्शन पहुंचकर चारों अलग-अलग हो गए। आरिफ माल उतारने के लिए लॉरी को शहर में ले आया।
ये हैं अहम सुबूत
पुलिस के अनुसार तोंदुपल्ली टोल गेट और दोनों पेट्रोल पम्पों के सीसीटीवी फुटेज अहम सुबूत हैं। पुलिस ने धारा 376 (दुष्कर्म), 302 (हत्या) और निर्भया एक्ट की धाराओं में यह मामला दर्ज किया है।
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