Tuesday, 3 December 2019

हैदराबाद डॉक्टर मर्डर: पीड़िता के पिता ने पुलिस पर लगाए आरोप, मां-बहन ने सुनाई आपबीती

 तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में महिला डॉक्टर की दुष्कर्म के बाद हत्या मामले ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया है। संसद से लेकर सड़क तक हर कोई दोषियों को सख्स सजा देने की मांग कर रहा है। आजतक की रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता के परिवार ने घटना को लेकर अपनी आपबीती सुनाई है। साथ ही पीड़िता के पिता ने पुलिस पर भी कुछ आरोप लगाए हैं।

क्या बोले पिता?

पीड़िता के पिता का कहना है कि अपराध करने वालों की उम्र बेशक कम है लेकिन उन्होंने जो काम किया है वो काफी बड़ा है। उन्हें जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि इस पूरे मामले में पुलिस का रवैया काफी ढीला रहा है। पुलिस शुरुआत में स्पॉट पर नहीं गई, सिर्फ सीसीटीवी ही देखती रही। यहां तक कि पुलिस ने उनकी बेटी पर ही सवाल खड़े कर दिए थे कि वह कहीं चले गई है।

दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए- पिता

जब घटना हुई तब पीड़िता के पिता घर पर मौजूद नहीं थे। जब बेटी का फोन आया तब वह कोल्हापुर में थे। पीड़िता के पिता ने कहा कि दोषियों को जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए। पहले निर्भया के आरोपियों को छोड़ दिया और अब यह कांड हो गया। दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

क्या बोली मां?

आजतक की रिपोर्ट के अनुसार पीड़िता की मां का कहना है कि जिस तरह से उनकी बेटी को जलाया गया है, उसी तरह से अपराधियों को भी जलाया जाए। इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई होनी चाहिए।

पुलिस से कोई मदद नहीं मिली

पीड़िता की बहन घटना के बाद से घर से नहीं निकली है। उसका कहना है कि पुलिस से कोई मदद नहीं मिली, अगर समय रहते उसकी बहन को मदद मिल जाती तो वह जिंदा होती। बहन ने दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने की मांग कही। उसने कहा कि घटनास्थल उनके घर से दो किलोमीटर दूर है। तब दोनों बहनों के बीच छह मिनट तक बात हुई थी, जिसमें उसने कहा था कि उसे डर लग रहा है। ये पूरा कॉल रिकॉर्ड हो गया है।

पीड़िता के बारे में पिता-बहन ने बताया

पीड़िता के बारे में उसकी बहन ने बताया कि वह उम्र में केवल डेढ़ साल ही बड़ी थी, लेकिन सबका ख्याल रखती थी। कई बार उसे खाना भी खिलाती थी। वो स्वभाव की काफी अच्छी थी और सबकी मदद किया करती थी। वहीं पीड़िता के पिता का कहना है कि उसने अपने सारे सपने पूरे किए। उसने रोजाना 14 घंटे की पढ़ाई कर पांच साल की डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी की। सर्विस कमीशन की परीक्षा पास कर उसने तीन साल तक नौकरी भी की।

शादी की तैयारी हो रही थी

पिता का कहना है कि वह अब अपनी बेटी की शादी की योजना बना रहे थे। वो पीजी की तैयारी कर रही थी लेकिन शादी के बाद पीजी करने वाली थी। वो जो बनना चाहती थी, वो बनी है। उन्होंने कहा कि लड़कियों के बीच जागरुकता फैलनी चाहिए। सबसे जरूरी है लड़कों को संस्कार दिए जाना। तभी ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी। पुलिस को भी बच्चियों को जागरुक करना चाहिए। पुलिस को जागरुकता के लिए कार्यक्रम बनाना चाहिए और नंबर डायल करने के बारे में बताना चाहिए।

100 नंबर डायल करने में समय लगता है

जहां एक ओर कहा जा रहा है कि पीड़िता ने 100 नंबर पर कॉल नहीं किया, वहीं अब पीड़िता के पिता का कहना है कि इस प्रक्रिया में सुधार किया जाना चाहिए। इसमें काफी अधिक समय लग जाता है। पहले कहा जाता है एक नंबर दबाओ, फिर कहा जाता है दो नंबर दबाओ। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी ने उन्हें आखिरी बार कॉल कर फल काटकर रखने को कहा था क्योंकि उसे फल काफी पसंद थे।