Wednesday, 5 February 2020

निर्भया कांड के दोषियों का एक बार फिर फांसी हुआ ख़ारिज, राष्ट्रपति ने सुनाया अपना बड़ा फैसला !


निर्भया केस से जुड़ी आज बुधवार को बड़ी खबर सामने आई है जहाँ देश के राष्ट्रपति कोविंद ने साल 2012 के दिल्ली गैंगरेप केस के चार दोषियों में से एक, अक्षय ठाकुर सिंह की दया याचिका को ख़ारिज कर दिया है. इससे यह पता चला कि अब उसे फांसी नहीं मिलेगी और फांसी से राहत पाने के लिए इस याचिका को 1 फरवरी दाखिल की गयी थी.
बता दे कि दोषी मुकेश सिंह और विनय शर्मा की दया याचिका राष्ट्रपति कोविंद पहले ही ख़ारिज कर चुके हैं. इससे पहले आज सुबह ही निर्भया गैंगरेप और हत्या केस से जुड़ी केंद्र सरकार की याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट ने ख़ारिज कर दिया था. हाई कोर्ट ने कहा कि 'निर्भया मामले के दोषियों को अलग-अलग फांसी नहीं दी जा सकती. निचली अदालत का फ़ैसला रद्द ना करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने सभी 4 दोषियों को एक हफ़्ते का समय दिया है ताकि वे सभी क़ानूनी उपायों का इस्तेमाल कर सकें.
कोर्ट ने कहा कि 'एक हफ़्ते बाद उनकी मौत के वॉरंट के लिए उनके ख़िलाफ़ कार्यवाही शुरू की जाएगी. केंद्रीय क़ानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि 'निर्भया गैंगरेप के दोषियों को जल्द से जल्द फांसी होनी चाहिए. वे अपनी सज़ा को टालने के लिए तमाम कोशिशें कर रहे हैं जो सही नही है. 31 जनवरी 2020 को दिल्ली की एक अदालत ने निर्भया मामले के दोषियों की फांसी अगले आदेश तक टाल दी थी.