Friday, 27 March 2020

1992 विश्व कप फाइनल हुआ था अजीबोगरीब वायरस संक्रमण, शॉट लगाना हो गया था मुश्किल : मियांदाद


ऐसे समय में जब दुनिया के अधिकांश शहर कोरोना (Corona virus) को रोकने के लिए लॉकडाउन (Lockdown) का सामना कर रहे हैं और 5 लाख से ज्यादा लोग इसके संक्रमण का शिकार हो चुके हैं, तब पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाज जावेद मियांदाद ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. इस दिग्गज खिलाड़ी ने दावा किया है कि सन 1992 में खेले गए विश्व कप फाइनल में वह खुद एक अजीबोगरीब वायरस के शिकार हो गए थे. इमरान खान की अगुआई में तब पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड को खिताबी मुकाबले में हराकर पहली बार विश्व कप अपने नाम किया था.
पाकिस्तान की विश्व कप जीत के 18 साल पूरे होने के मौके पर जावेद मियांदाद ने कहा कि जब मैं उस फाइनल का वीडियो क्लिप देखता हूं तो यकीन नहीं होता कि हमने कैसे खिताब जीत लिया. जब हम बल्लेबाजी कर रहे थे तो शुरुआती विकेट जल्दी-जल्दी गिरते गए. मेरा इरादा क्रीज पर टिके रहने और अपना विकेट न गंवाने का था.
जावेद मियांदाद ने कहा, हालांकि बल्लेबाजी के दौरान मैं काफी असहज स्थिति में था. मैं वायरल इंफेक्शन से पीड़ित था, जिससे मेरी रनिंग पर असर पड़ रहा था. अगर आपको ठीक से याद हो तो मैं पारी के अंत में अपने शॉट तक नहीं लगा पा रहा था. मैं समझ नहीं पा रहा था कि मुझे क्या हुआ है. मुझे कोई अजीबोगरीब वायरस हो गया था, जिसकी वजह से मुझे बेहद पसीना आता था. पारी के अंत तक तो मेरी स्थिति ऐसी थी कि मैं सिर्फ खड़ा ही था, शॉट नहीं लगा पा रहा था. दूसरे छोर पर इमरान खान थे, जिन्होंने पूरे 50 ओवर बल्लेबाजी की और साझेदारी कर सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया.
पाकिस्तान के लिए इमरान खान और जावेद मियांदाद ने तीसरे विकेट के लिए 139 रन की अहम साझेदारी की थी. इमरान ने 110 गेंद पर 72 रन बनाए थे, जबकि मियांदाद ने 98 गेंदों में 58 रन का योगदान दिया. इंजमाम उल हक के 46 गेंद पर 42 रन और वसीम अकरम के 18 गेंद पर 33 रनों की बदौलत पाकिस्तान ने छह विकेट पर 249 रन का स्कोर खड़ा किया. जवाब में इंग्लैंड की टीम 49.2 ओवर में सिमट गई और पाकिस्तान ने 22 रन से ये मैच जीत लिया. वसीम अकरम और मुश्ताक अहमद ने तीन-तीन विकेट लिए. मियांदाद ने पाकिस्तान के लिए 124 टेस्ट में 8832 और 233 वनडे में 7381 रन बनाए हैं.