Saturday, 28 March 2020

आज ही के दिन सहवाग ने ठोके थे 2 तिहरे शतक, खत्म कर दिया था 496 विकेट लेने वाले गेंदबाज का करियर!


  1. जब-जब कैलेंडर में 29 मार्च तारीख आती है, तब-तब हर भारतीय क्रिकेट फैन का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है. क्योंकि ये दिन भारतीय क्रिकेट इतिहास के लिए बेहद खास है. आज ही के दिन पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) ने तिहरा शतक लगाने का कारनामा किया था. वो 300 का आंकड़ा छूने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बने थे. गजब की बात ये है कि सहवाग ने 29 मार्च को एक नहीं बल्कि 2-2 तिहरे शतक लगाए थे. पहला तिहरा शतक लगा था 29 मार्च 2004 को, जो उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ मुल्तान में ठोका था. वहीं सहवाग का दूसरा तिहरा शतक 29 मार्च को ही साल 2008 में बना था जो कि उन्होंने साउथ अफ्रीका के खिलाफ चेन्नई में जमाया था.

मुल्तान के सुल्तान बने सहवाग वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) नजफगढ़ के नवाब के नाम से मशहूर थे लेकिन पाकिस्तान को उन्होंने उसके घर पर ऐसा पीटा कि लोग उन्हें मुल्तान का सुल्तान कहने लगी. 28 मार्च 2004 को शुरू हुए मुल्तान टेस्ट में भारत ने पहले बल्लेबाजी चुनी थी और सहवाग ने आकाश चोपड़ा के साथ ओपनिंग की. आकाश चोपड़ा ने 42 रन बनाए और राहुल द्रविड़ महज 6 रन बनाकर आउट हो गए. लेकिन इसके बाद सहवाग ने सचिन के साथ मिलकर क्रीज पर खूंटा गाड़ दिया और वो पहले दिन नाबाद 228 रन बनाकर लौटे. सहवाग ने पहले दिन का खेल खत्म होने के बाद कहा कि उनकी नजर तिहरे शतक पर है और अगले दिन उन्होंने ये कारनामा कर दिखाया.

सहवाग (Virender Sehwag Triple- Hundred) ने महज 364 गेंदों में अपने 300 रन पूरे किये. गजब की बात ये है कि सहवाग ने सकलैन मुश्ताक की गेंद पर छक्का लगाकर इस कारनामे को अंजाम दिया. सहवाग ने 375 गेंदों में कुल 309 रनों की पारी खेली, जिसमें 39 चौके और 6 छक्के शामिल थे. टेस्ट में सहवाग का स्ट्राइक रेट 82 से ऊपर था जो कि अद्भुत है. सहवाग की इस पारी की बदौलत टीम इंडिया ने ये टेस्ट मैच पारी और 52 रनों से जीता. दिलचस्प बात ये है कि मुल्तान टेस्ट महान ऑफ स्पिनर सकलैन मुश्ताक का भी आखिरी टेस्ट मैच साबित हुआ. इस मैच के बाद सकलैन मुश्ताक को कभी टेस्ट टीम में जगह नहीं मिल पाई. सकलैन ने मुल्तान टेस्ट में 204 रन देकर 1 विकेट हासिल किया था. बता दें सकलैन ने इंटरनेशनल क्रिकेट में कुल 496 विकेट हासिल किये थे.

सहवाग का दूसरा तिहरा शतक
मुल्तान टेस्ट के ठीक 4 साल बाद 29 मार्च 2008 को ही सहवाग ने एक बार फिर तिहरा शतक ठोकने का कारनामा किया. इस बार उन्होंने साउथ अफ्रीकी टीम की धज्जियां उड़ाई और चेन्नई में उन्होंने महज 304 गेंदों में ताबड़तोड़ 319 रन कूट डाले. सहवाग ने अपनी पारी में 42 चौके और 5 छक्के लगाए और उन्होंने भारत के लिए सर्वाधिक टेस्ट स्कोर बनाने का कारनामा किया.

टेस्ट क्रिकेट का सबसे तेज तिहरा शतक
सहवाग का ये तिहरा शतक इसलिए भी खास था क्योंकि इससे पहले कोई बल्लेबाज इतनी तेजी से 300 रनों का आंकड़ा नहीं छू पाया था. सहवाग ने महज 278 गेंदों में तिहरा शतक ठोका जो कि क्रिकेट इतिहास का सबसे तेज तिहरा शतक था. चेन्नई की पिच पर सहवाग ने महज 116 गेंदों में अपना शतक पूरा किया. इसके बाद उन्होंने अपने 200 रन महज 194 गेंदों में पूरे कर डाले. 250 रनों तक वो सिर्फ 225 गेंदों में पहुंचे और उसके बाद 278 गेंदों में उन्होंने तिहरा शतक लगाने का करिश्मा किया.