Friday, 13 March 2020

जेल जाने से बचीं सोहा अली खान, आर्म्स लाइसेंस-विदेशी हथियार मामले में मिली राहत


नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेत्री और पटौदी खानदान की बेटी सोहा अली खान को बड़ी राहत मिली है। दरअसल वह पिछले काफी दिनों से पुलिस स्टेशन के चक्कर लगा रही थीं। सोहा अली खान आर्म्स लाइसेंस और विदेशी राइफल को ट्रांसफर किए जाने के मामले में पुलिस स्टेशन के चक्कर लगा रही थीं। लेकिन इस मामले की सुनवाई करते हुए हरियाणा के लोकायुक्त जस्टिस नवल किशोर अग्रवाल (सेवानिवृत्त) ने कहा कि वह प्राइवेट पार्टी के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकते है। आरोप है कि सोहा अली खान को 1996 में अधिकारियों की मिलीभगत से गलत तरह से हथियार का लाइसेंस मिला था, यही नहीं विदेशी राइफल को गलत तरह से ट्रांसफर किया गया। जिस वक्त सोहा अली खान को हथियार का लाइसेंस मिला उस वक्त वह हथियार का लाइसेंस लेने के लिए अर्ह नहीं थी, बावजूद इसके उन्हें लाइसेंस मुहैया कराया गया। अहम बात यह है कि सोहा के लाइसेंस बनने की सरकारी फाइल ही गुम हो गई है। जिसका संज्ञान लेते हुए जस्टिस अग्रवाल ने सरकार से सिफारिश की है कि तीन महीने के भीतर सरकार इस तरह के मामलों में कार्रवाई करने के लिए गाइडलाइन बनाए साथ ही उन्हें इस बारे में अवगत कराए।
Cant act against private party
प्राइवेट पार्टी के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर सकते
जस्टिस किशोर अग्रवाल ने कहा कि दिल्ली के निवासी नरेश कादियान की शिकायत की जांच के दौरान सामने आए हैं। नरेश कादियान ने 2005 में फिल्म अभिनेत्री सोहा अली खान का 18 वर्ष और एक महीने की उम्र में आर्म्स लाइसेंस बनाने और गलत तरह से विदेशी राइफल को ट्रांसफर करने की शिकायत दर्ज कराई थी। बता दें कि नरेश कादियान पीपुल फॉर एनिमल संस्था के वर्तमान आयुक्त हैं। दरअसल सोहा अली खान के लाइसेंस से जुड़ी फाइल लापता हो गई थी। जिसके बाद 2 मार्च को अपनी रिपोर्ट में लोकायुक्त ने कहा कि चूंकि यह मामला 24 वर्ष पुराना है, इसकी मूल फाइल लापता है, लिहाजा इस मामले में ना तो उचित कार्रवाई की जा सकती है और ना ही किसी सरकारी कर्मचारी को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाना संभव है। जस्टिस किशोर ने कहा कि वह सिर्फ सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं प्राइवेट पार्टी के खिलाफ नहीं।

Arms license at 18 year of age
18 वर्ष की उम्र में ही बन गया आर्म्स लाइसेंस
लोकायुक्त ने कहा कि सोहा अली खान के पासपोर्ट के अनुसार उनकी जन्मतिथि 4 अक्टूबर 1978 है, लिहाजा 5 नवंबर 1996 को उनकी उम्र 18 वर्ष एक महीने थी, जब गुड़गांव के डीएम ने उन्हें लाइसेंस जारी किया था। गौरतलब है कि हथियार का लाइसेंस लेने के लिए आवेदक की उम्र कम से कम 21 वर्ष होनी चाहिए, लिहाजा सोहा अली खान उस वक्त इसके लिए अयोग्य थीं। 7 मार्च 2000 को डीएम कार्यालय ने सोहा को उनके पिता मंसूर अली खान पटौदी पर आश्रित बताया था और उन्हें हथियार का प्रतिधारक बताया था। सोहा अली खान के लाइसेंस का 2005 में फिर से नवीनीकरण हुआ था।

Used in hunt of Black buck
काला हिरण शिकार में हुआ था हथियार का इस्तेमाल
गौरतलब है कि वर्ष 2005 में काले हिरण की हत्या की गई थी। काले हिरण का शिकार इसी हथियार से किया गया था जिसका लाइसेंस सोहा अली खान के नाम पर था। लेकिन इस मामले में आरोपी मंसूर अली खान पटौदी को बनाया गया था। इस मामले के बाद भी सोहा अली खान के हथियार के लाइसेंस का फिर से नवीनीकरण किया गया था। लेकिन इस मामले की जांच के बाद पुलिस ने सोहा अली खान का लाइसेंस 8 मई 2008 को रद्द कर दिया गया था। बता दें कि काला हिऱण शिकार मामले में 6 लोगों को आरोपी बनाया गया था, लेकिन मंसूर अली खान पटौदी का 2011 में निधन हो गया था।