Sunday, 29 March 2020

फिल्मों में ऐसे प्रयोग किए जाते हैं VFX, सलमान से लेकर कई सितारों ने किया है इसका इस्तेमाल


कई बार जब हम फिल्म देख रहे होते हैं तो कुछ ऐसे हैरतअंगेज दृश्य देखकर हम ये सोचने लगते हैं कि ये दृश्य कैसे फिल्माए गए होंगे, दरअसल फिल्मों में ऐसे जबरदस्त दृश्य VFX की सहायता से फिल्माए जाते हैं। हर फिल्म में कुछ ऐसे दृश्य होते हैं जो उस फिल्म की जान होते हैं पर कई बार इन दृश्यों को फिल्माना बहुत मुश्किल हो जाता हैं तो उस समय ये तकनीक काम आती हैं इस तकनीक के द्वारा दृश्य फिल्माते समय हरे या नीले रंग के पर्दों का इस्तेमाल किया जाता हैं। आज हम आपको इसके बारें में ही बताने जा रहे हैं कि इस तरीके से कौन से दृश्य फिल्माए गए हैं।
चेन्नई एक्सप्रेस का ट्रैन वाला दृश्य
आपको शाहरुख और दीपिका अभिनीत चेन्नई एक्सप्रेस तो याद ही होगी जिसमें वो ट्रैन के द्वारा मुंबई से सफर शुरू करते हैं, हमने देखा था कि ज्यादातर शूटिंग ट्रैन में ही हुईं थी लेकिन वास्तव में इतनी भीड़ के बीच शूटिंग करना आसान नहीं रहता इसलिए इस फिल्म के दृश्यों को फिल्माने के लिए जिस तकनीक का इस्तेमाल किया गया था उसे क्रोम कहा जाता हैं। इस तकनीक के द्वारा यह दर्शाया जाता हैं कि ट्रेन लगातार चल रही हैं पर वास्तव में ऐसा नहीं होता।
बाहुबली
शायद ही कोई ऐसा हो जिसने बाहुबली फिल्म ना देखी हो, अगर आपको याद हो तो इस फिल्म की शुरुआत में पानी के बीच एक हाथ उठता हुआ दिखाई देता हैं जिसमे बच्चा होता हैं लेकिन क्या आपको पता हैं वास्तव में वो क्या था। दरअसल तकनीक के द्वारा जिसे बच्चा दिखाया गया था वो वास्तव में एक पानी की बोतल थी, इस दृश्य ने लोगों को चकित किया था।
इस फिल्म के एक और दृश्य में हमने ये देखा था कि भल्लालदेव एक सांड से भिड़ रहें थे, इस दृश्य को देख कर लोगों ने दांतो तले उंगली दबा ली थी लेकिन वास्तव में इस दृश्य को फिल्माने के लिए भल्लालदेव से ज्यादा मेहनत बाहुबली की सीजी टीम ने की थी, उन्होंने कंप्यूटर ग्राफिक्स के द्वारा सांड को फिल्मी पर्दे पर दिखाया था।
किक
सलमान खान 2014 में एक फिल्म किक में नजर आए थे जिसमें सलमान खान एक ऐसे किरदार में थे जो नकाब पहनकर रहता था। इसी फिल्म के एक दृश्य में सलमान खान रेलवे ट्रैक से गुजर रहे होते हैं जब उनके सामने ट्रैन आ रही होती हैं तो वो साईकल से उतर कर पैदल ट्रैन के सामने से गुजर जाते हैं लेकिन वास्तव में वहां कोई ट्रैन नहीं थी और केवल कंप्यूटर ग्राफ़िक्स के द्वारा ही ट्रेन को वहां दिखाया गया था।