Monday, 20 April 2020

ये हैं करिश्मा और करीना की मम्मी की 10 अनसुनी कहानियां, इस सुपरस्टार के साथ हुई थी लॉन्चिंग


60 के दशक की मशहूर अभिनेत्री बबीता शिवदासानी कपूर आज अपना 73वां बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। बबीता का जन्म 20 अप्रैल 1947 को मुंबई में हुआ था। उन्हें कपूर खानदान की पहली अभिनेत्री बहू के तौर पर जाना जाता है। उन्होंने अभिनेता रणधीर कपूर से शादी की और करिश्मा और करीना उनकी बेटियां हैं। बबीता को अपने जिंदगी के प्रत्येक पक्ष को खुलकर जीने के लिए जाना जाता है। उन्होंने अभिनेत्री के तौर पर कुल 19 फिल्मों में काम किया और उस जमाने की टॉप अभिनेत्रियों में शुमार हुईं। रणधीर कपूर से प्यार किया तो साथ जिंदगी गुजारने के लिए जिंदगी की सबसे अनमोल चीज एक्टिंग को छोड़ दिया। मां के तौर पर अपनी बेटियों के करियर के लिए पूरी दुनिया से लड़ गईं। बबीता की जिंदगी के ऐसे ही 10 किस्सों के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं।
डीएनए में एक्टिंग
बबीता का जन्म अभिनेता हरी शिवदासानी के घर हुआ। वह एक हिंदू सिंधी परिवार से आती हैं जो विभाजन के बाद पाकिस्तान से भारत आकर बसा। उनकी मां बारबरा शिवदासानी ब्रिटिश क्रिश्चियन थीं। मशहूर अभिनेत्री साधना शिवदासानी उनकी चचेरी बहन हैं।
घर बैठे मिला पहला मौका
बबीता शिवदासानी के पिता के पास स्टूडियो हुआ करता था। जिसकी वजह से उनके घर पर फिल्म से जुड़े लोगों का आना जाना लगा रहता था। बबीता को फिल्मों में पहला ब्रेक भी बड़ी आसानी से मिल गया। फिल्म निर्माता जी.पी. सिप्पी एक दिन बबीता के घर आए हुए थे। जी.पी. सिप्पी ने जैसे ही बबीता को देखा। 'राज' फिल्म के लिए राजेश खन्ना के अपोजिट बबीता को कास्ट कर लिया। हालांकि यह फिल्म ज्यादा कामयाब नहीं हुई। कॉस्ट करने के लिए लिहाज से राज बबिता की पहली फिल्म थी लेकिन पहली बार सिल्वर स्क्रीन पर बबीता फिल्म दस लाख में नजर आई थीं। इस फिल्म में उनके अलावा ओमप्रकाश और संजय खान थें। वहीं साल 1969 में राजेश खन्ना के साथ 'डोली' फिल्म से बबीता ने स्टारडम का स्वाद चखना शुरू कर दिया था।
साधना से मनमुटाव
बबीता की चचेरी बहन उस जमाने की मशहूर अदाकारा साधना शिवदासानी थीं। हालांकि दोनों के रिश्ते कुछ खास अच्छे नहीं थे। साल 2013 में साधना ने इस बात की पुष्टि की थी कि पारिवारिक मनमुटाव के कारण वह और बबिता एक दूसरे से अधिक संपर्क में नहीं थीं। दोनों के रिश्ते ऐसे थें कि अगर कहीं एक दूसरे के सामने भी पड़ गए तो दोनों एक दूसरे को पहचानते नहीं थें।
जीतेंद्र के साथ जमी जोड़ी
सिल्वर स्क्रीन पर बबीता और जीतेंद्र की जोड़ी को खूब पसंद किया गया था। दोनों ने 'औलाद', 'अनमोल मोती', 'बनफूल' और 'एक हसीना दो दीवाने' जैसी फिल्मों में काम किया। 'अनमोल मोती' को देश की पहली अंडरवॉटर फिल्म कहा गया था। इस फिल्म में बबीता को स्विमिंग सीन देने थे। लेकिन वह तैराकी नहीं जानती थीं। इसलिए उनके लिए स्विमिंग पूल में एक टैंक रख दिया जाता था और वह उसमें खड़ी होकर सीन शूट करती थीं।
नामचीन गानों में आईं नजर
60 के दशक में बबीता का हिंदी सिनेमा में बड़ा जलवा था। उनके खाते में कई बड़े सितारों के साथ तमाम हिट फिल्में हैं। फिल्मों के साथ ही उस सुनहरे दौर के कई खूबसूरत नगमें भी बबिता पर फिल्माए गए थें। इनमें 'आओ हुजूर', 'कजरा मोहब्बत वाला', 'बेखुदी में सनम', 'तुमसे अच्छा कौन है', 'हम जब होंगे साठ साल के', 'जनम जनम का साथ', 'भंवरे की गुंजन' आदि शामिल हैं।
लड़कियों की फैशन आइकन
बबीता अपने जमाने की लड़कियों के बीच काफी मशहूर थीं। वह लाखों कॉलेज की लड़कियों द्वारा पसंद की जाती थीं। उनके पहनावे से लेकर उनका पूरा स्टाइल काफी पसंद किया गया। माना जाता है कि करिश्मा और करीना को भी यह स्टाइल अपनी मां से ही विरासत में मिली।
रणधीर कपूर से रोमांस
बबीता, रणधीर कपूर संग अपने रिश्तों को लेकर चर्चा में रहीं। दोनों फिल्म 'कल आज और कल' में पहली बार नजर आए थें। पहली फिल्म के बाद से ही दोनों एक दूसरे के करीब आ गए थें। रणधीर पंजाबी थे तो वहीं बबीता सिंधी परिवार से ताल्लुक रखती थीं। दोनों ने जब शादी के लिए परिवार में बात की तो सभी उनके खिलाफ हो गए। कपूर खानदान की लड़कियां उस वक्त ना तो फिल्मों में काम करती थीं और ना ही किसी अभिनेत्री से परिवार का सदस्य शादी करता था। बबीता के कहने पर रणधीर कपूर ने पिता राज कपूर से रिश्ते की बात की। राज कपूर अपनी फिल्मों में बबीता को हीरोइन बनाने के लिए तो तैयार थें लेकिन घर की बहू नहीं। परिवार के खिलाफ होने के बावजूद रणधीर और बबीता का प्यार चलता रहा। तमाम कोशिशों के बाद दोनों ने साल 1971 में एक दूसरे से शादी की।
प्यार के लिए छोड़ा करियर
बबीता को रणधीर कपूर से शादी के लिए एक बड़ी कीमत चुकानी पड़ी थी। दरअसल रणधीर कपूर ने परिवार को शादी के लिए तो मना लिया लेकिन इसके बदले बबीता के सामने एक शर्त रख दी गई थी। यह शर्त थी कि शादी के बाद उन्हें फिल्मों से दूरी बनानी होगी। प्यार के लिए बबीता ने यह कुर्बानी भी दे दी और रणधीर कपूर से शादी कर वह घर की जिम्मेदारियां संभालने लगीं।
बेटियों को बनाया नंबर वन हीरोइन
बबिता के घर 1974 में करिश्मा और 1980 में करीना का जन्म हुआ। बबीता ने तो अपना फिल्मी करियर छोड़ दिया था लेकिन वो अपनी बेटियों को अभिनेत्री बनाना चाहती थीं। रणधीर कपूर बेटियों को फिल्म इंडस्ट्री में लाने के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थे। बावजूद इसके बबीता ने अपने दम पर बेटियों को आगे किया और दोनों को सुपरस्टार बनाया।

पति से 19 साल तक रहीं अलग
बबीता का बेटियों को अभिनत्री बनाने की कोशिश में उनके रिश्ते अपने पति रणधीर से खराब हुए। दोनों के रिश्ते लगातार खराब होते गए और बबीता अपनी दोनों बेटियों को लेकर अलग रहने लगीं और उनके करियर पर पूरा ध्यान दिया। साल 2007 में बबीता और रणधीर दोनों एक साथ हुए। करीब 19 साल अलग रहने के बाद दोनों ने एक साथ रहने का फैसला किया।