Monday, 20 April 2020

कोविड-19 से फिल्ममेकर गुरिंदर चड्ढा की बुआ का निधन, अंतिम पलों में कोई फैमिली मेंबर नहीं था साथ


कोरोनावायरस से अंग्रेजी फिल्मों की निर्देशक गुरिंदर चड्ढा की बुआ का निधन हो गया है। इस बात की जानकारी खुद गुरिंदर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए दी है। उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया है कि उनकी बुआ के अंतिम क्षणों में कोई भी फैमिली मेंबर वहां नहीं था। यहां तक कि उनके बच्चों ने भी वीडियो कॉल के जरिए उनके लिए प्रार्थना की।
गुरिंदर ने लिखा है,' आज(रविवार को) कोविड-19 कॉम्प्लिकेशंस के चलते हमने मेरी बुआजी/आंटी को खो दिया। वे मेरे पिताजी की छोटी बहन थीं।' गुरिंदर ने इसके आगे बताया है, 'वे भारत-पाकिस्तान के विभाजन के समय सर्वाइव कर गई थीं और यह हमारे लिए बेहद दुख की बात है कि उनके अंतिम क्षणों में परिवार का कोई भी सदस्य उनके साथ नहीं था। सरे अस्पताल की दो नर्सों ने उनका हाथ थामा था। फेसटाइम के जरिए उनके बच्चों ने सिख प्रार्थना की, इसी दौरान उनकी मौत हो गई। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।'
1993 से निर्देशन में हैं चड्ढा
60 साल की गुरिंदर चड्ढा की ज्यादातर फिल्मों में इंग्लैंड में रह रहे भारतीयों की कहानी को दर्शाया जाता है। इनमें सामाजिक और सांस्कृतिक मुद्दों को उठाया जाता है। 80 के दशक में एक रेडियो के जरिए मीडिया करियर शुरू करने वाली चड्ढा बीबीसी में न्यूज रिपोर्टर रही हैं। वे ब्रिटिश कॉमेडी फिल्म 'भाजी ऑन द बीच'(1993) से निर्देशन में आई थीं। उन्होंने ब्रिटिश अमेरिकन ड्रामा 'व्हाट्स कुकिंग', ब्रिटिश कॉमेडी ड्रामा 'इट्स वंडरफुल आफ्टरलाइफ' और ब्रिटिश हिस्टोरिकल ड्रामा 'विक्ट्री हाउस' जैसी फिल्में बनाई हैं। वे 'बीचम हाउस' जैसी सीरीज का निर्देशन और निर्माण भी किया है।