Tuesday, 14 April 2020

सिर्फ 5 महीने में ही बीसीसीआई के इस अधिकारी ने छोड़ा सौरव गांगुली का साथ, खुद बताई वजह


फिलहाल हर क्रिकेट प्रेमी के मन में एक ही सवाल बना हुआ है कि आईपीएल होगा या नहीं? फिलहाल इस टी-20 लीग के होने के चांस बहुत कम दिख रहे हैं, क्योंकि कोरोना नाम का यह वायरस दुनिया से जाने का नाम नहीं ले रहा हैं, बल्कि इस वायरस की चपेट में लोग आते ही जा रहे हैं. इस वजह से बीसीसीआई भी काफी परेशानी में है. इसी बीच बीसीसीआई के लिए एक और बुरी खबर आई है.
महिम वर्मा ने उपाध्यक्ष पद से दिया इस्तीफा
सोमवार को बीसीसीआई के एक बड़े अधिकारी महिम वर्मा ने अपना पद छोड़ दिया. बीसीसीआई के उपाध्यक्ष महिम वर्मा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. वो 5 महीने पहले ही सौरव गांगुली की टीम में जुड़े थे और उन्हें उपाध्यक्ष का पद मिला था. महिम वर्मा ने उत्तराखंड क्रिकेट संघ का सचिव बनने के बाद भारतीय क्रिकेट बोर्ड के उपाध्यक्ष पद को छोड़ा है. बता दें वर्मा को पद छोड़ना पड़ा, क्योंकि बीसीसीआई संविधान के मुताबिक एक व्यक्ति को एक ही समय पर राष्ट्रीय और प्रांतीय स्तर पर दो पदों पर नहीं रह सकता है.
मुझे यकीन है मेरा इस्तीफा स्वीकार किया जायेगा
अपने इस्तीफे का कारण बताते हुए महिम वर्मा ने कहा, 'मुझे अपने राज्य संघ की भी देखरेख करनी है जिसका संचालन अभी तक अच्छे से नहीं हो रहा था. मैने सीईओ राहुल जौहरी को इस्तीफा दे दिया है. मुझे यकीन है कि इसे स्वीकार किया जायेगा. मैंने बोर्ड सचिव जय शाह को पहले ही बता दिया था. यदि मैं प्रदेश संघ का प्रभार नहीं लेता, तो वहां काम सुचारू रूप से नहीं चल पाता.'
नई बीसीसीआई कर रही अच्छे काम
नई बीसीसीआई के आने के बाद से कई बढ़िया काम हो रहे हैं. कुछ महीने पहले ही इस नई बीसीसीआई ने भारत में पहली बार डे-नाईट टेस्ट मैच आयोजित किया था, जो भारत और बांग्लादेश के बीच खेला गया था.
पदभार संभालने के कुछ ही दिनों बाद ही सौरव गांगुली ने अपने पूर्व साथी खिलाड़ी राहुल द्रविड़ से मिलने का फैसला किया, जो राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी के प्रमुख हैं. भारतीय क्रिकेट के रोड-मैप पर चर्चा करने के लिए सौरव गांगुली, राहुल द्रविड़ से मिले. घरेलू क्रिकेटरों के लिए अनुबंध जैसा बड़ा कदम उठाकर सौरव गांगुली हजारों घरेलू क्रिकेटरों का भला करने की बात कही थी.
दरअसल, अगर गांगुली अनुबंध प्रणाली लाते हैं, तो घरेलू क्रिकेटरों को भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की तरह सालाना कुछ धनराशी दी जाएगी. हालांकि आईपीएल के आयोजन के मामले में इस नई बीसीसीआई की किस्मत साथ नहीं दे रही है.