Monday, 20 April 2020

केवट का किरदार निभाने आए थे 'रामभक्त', लेकिन "होई हें वोही जो राम रचि राखा", बन गए 'रावण'


सवेरे से कुछ भी नहीं खाते थे अरविंद त्रिवेदी
ऐसे एक्टर के लिए मन में दुर्भावना कैसे आती!
सेट पर जाने से पहले राम की पूजा करते और माफी मांगते
नई दिल्ली : लॉकडाउन के बाद डीडीवन पर जब से रामानन्द सागर की 'रामायण' का प्रसारण आरंभ हुआ, एक-एक कर सेट और कलाकारों से जुड़ी पुरानी बातें भी दर्शकों के बीच आने लगीं। इसी कड़ी में इस बार धारावाहिक में रावण का किरदार निभा रहे अरविंद त्रिवेदी को लेकर एक रोचक जानकारी सामने आई है।
सवेरे से कुछ भी नहीं खाते थे अरविंद त्रिवेदी
बताया जा रहा है कि 'रामायण' की शूटिंग के दौरान रावण का किरदार निभा रहे अरविंद त्रिवेदी सवेरे से कुछ भी नहीं खाते थे। शूटिंग खत्म होने के बाद मेकअप उतारकर ही वह अपना व्रत खोलते। इस बीच यह भी सुनने को मिल रहा है कि राम भक्त 'रावण' यानि अरविंद त्रिवेदी शूटिंग के दौरान भगवान राम के लिए जिन अपशब्दों का प्रयोग करने वाले होते थे, उसके लिए भगवान से पहले ही माफी मांग लिया करते थे। अरविंद त्रिवेदी के मुताबिक, 'राम' से युद्ध करने से पहले रोजाना वह उनकी पूजा करते थे और हाथ जोड़कर कहते थे- "आपको अपशब्द कहूंगा, माफ कर दीजिएगा।"
ऐसे एक्टर के लिए मन में दुर्भावना कैसे आती!
यूँ तो 'लंकापति रावण' का नाम लेते ही जेहन में एक ऐसे 'दुराचारी' की तस्वीर उभरती है जिसने माता सीता का हरण कर लिया था। मां सीता स्वयं जगदम्बा का रूप थीं। ऐसे दुराचारी के लिए भला मन में कोई प्यार या सदभाव की भावना जाग सकती है? नहीं न! रावण के इस किरदार को अगर सही मायनों में किसी ऐक्टर ने पूरी शिद्दत के साथ स्क्रीन पर उकेरा तो वह हैं ऐक्टर अरविंद त्रिवेदी। उन्होंने रामानंद सागर की 'रामायण' में लंकापति रावण के किरदार में ऐसी जान फूंकी कि रियल लाइफ में भी लोग उन्हें रावण मानने लगे। लेकिन ऐसा रावण नहीं, जिसे देख मन में नफरत की आग जल उठे, बल्कि ऐसा रावण, जिसे आज सोशल मीडिया पर सब पूज रहे हैं। रावण की बुद्धि खराब हो गई थी कि उसने देवी जगदम्बा के रूप मां सीता का हरण किया, लेकिन वह परम ज्ञानी और बलवान था।
सेट पर जाने से पहले राम की पूजा करते और माफी मांगते
लेकिन शायद कोई नहीं जानता कि रावण का किरदार निभाते वक्त अरविंद त्रिवेदी को काफी मुश्किल होती थी। वह रोजाना भगवान राम से माफी मांगते थे और शूट पर जाने से पहले उनकी पूजा करते थे। कुछ दिनों पहले ट्विटर पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें 81-82 साल के अरविंद त्रिवेदी अपने घर में बैठकर टीवी पर सीता का हरण देख रहे थे। उस सीन को देख अरविंद त्रिवेदी भावुक हो गए और स्क्रीन के आगे ही हाथ जोड़ लिए।
After watching Arun Trivedi ji in real life joining hands in front of TV it becomes difficult to hate Ravan's character. He is true devotee of Ram. He deserves respect and prayers from us🙏🙏

😢😢😢😢😢😢@DDNational
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हाथ जोड़ने के पीछे की कहानी अब आई सामने
हाथ जोड़ने के पीछे की कहानी अब सामने आई है। ट्विटर पर अब यही वीडियो दोबारा सामने आया है, जिसमें एक दिलचस्प किस्सा बताया गया है। किस्सा यह है कि अरविंद त्रिवेदी शूटिंग पर जाने से पहले उपवास रखते थे। वह कुछ भी नहीं खाते थे। वह जब शाम को घर वापस लौटते तो मेकअप निकालने के बाद ही खाना खाते थे। इतना ही नहीं, सेट पर जाने से पहले वह भगवान राम और शिवजी की पूजा किया करते थे। अरविंद त्रिवेदी यह कहकर माफी मांगते थे कि मैं अभी आपको अपशब्द बोलूंगा तो आप मुझे माफ कर देना। मैं अपना किरदार निभा रहा हूं, इसलिए अगर मुझसे कोई गलती हो जाए तो मुझे माफ कर देना।
भगवान राम के बड़े भक्त हैं अरविंद त्रिवेदी
अब सोचिए, ऐसे 'रावण' से भला असल जिंदगी में कौन नफरत कर सकता है। अरविंद त्रिवेदी ने भले ही पर्दे पर रावण जैसी शख्सियत का किरदार निभाया हो, लेकिन वह भगवान राम के बड़े भक्त हैं। बताया जाता है कि वह अभी भी घर पर रहकर रोजाना भगवान राम का नाम लेते हैं और 'जय सियाराम' बोलते रहते हैं।
10 किलो का मुकुट पहनते थे 'रावण' अरविंद त्रिवेदी
बताया जाता है कि अरविंद त्रिवेदी का रावण वाला मुकुट, आभूषण और कपड़े काफी भारी थे। उनका मुकुट ही सिर्फ 10 किलो का था और तैयार होने में भी उन्हें कम से कम 5 घंटे लग जाते थे। लेकिन इतनी तकलीफ के बावजूद अरविंद त्रिवेदी ने रावण के किरदार को अमर बना दिया।
केवट का रोल मांगा, बन गए 'रावण'
अपनी कहानी शेयर करते हुए अरविन्द त्रिवेदी कहते हैं, "रामानंद सागर के पास केवट का रोल मांगने गया था, लेकिन क्या पता था कि दूरदर्शी सोच रखने के लिए मशहूर रामानंद सागर को उनमें अपना 'लंकापति रावण' दिख जाएगा और उनकी कही बात सच हो जाएगी।
इंटरनेट पर छाई 'राम-रावण' की यह दुर्लभ तस्वीर
बताया जाता है कि जब अरविंद त्रिवेदी ने रामानंद सागर से कहा था कि वह रावण का रोल कैसे कर पाएंगे, उन्हें तो केवट बनना था, तो रामानंद सागर ने कहा था कि इसी रोल से तुम दुनियाभर में जाने जाओगे। वह बात सच हो गई। अरविंद त्रिवेदी ने भले ही 300 से ज्यादा फिल्में और दर्जनों टीवी शोज में काम किया हो, लेकिन आज भी लोग उन्हें रावण के रोल से ही जानते हैं।

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