Monday, 20 April 2020

गेंद की चमक को बरकरार रखने के लिए लार की जगह इस चीज का इस्तेमाल कर सकते हैं गेंदबाज


क्रिकेट में अक्सर हम गेंदबाजों को लार के माध्यम से गेंद को चमकाते हुए मैदान पर देखते हैं. लेकिन कोविड-19 वैश्विक महामारी के बाद क्या ये फॉर्मूला गेंदबाज अपनी गेंदबाजी में लागू करेंगे. इसको लेकर सबके मन में ये सवाल बार-बार उठ रहा है. दूसरी ओर से अगर देखें तो गेंदबाज इससे बचते हैं तो उनकी धुनाई तय है. ऐसे में उनके सामने विकट स्थिति है. दक्षिण अफ्रीका में 2018 में हुई बॉल टेंपरिंग घटना के बाद गेंद की स्थिति की निगरानी बढ़ गई है लेकिन गेंद पर पसीने और लार का इस्तेमाल अब भी वैध है.
कोरोनावायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए क्रिकेट के जल्द की शुरू होने की संभावना नहीं है और वेंकटेश प्रसाद, प्रवीण कुमार और जेसन गिलेस्पी जैसे पूर्व खिलाड़ियों का मानना है कि अंतत: जब दोबारा खेल शुरू होगा तो खेल के नियम बनाने वाली संस्था को लार के इस्तेमाल को रोकना पड़ सकता है.
'खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोच्च है'
भारत की ओर से 33 टेस्ट और 161 वनडे खेलने वाले पूर्व पेसर ने पीटीआई से कहा, 'मैच जब दोबारा शुरू होंगे तो उन्हें कुछ समय तक सिर्फ पसीने का इस्तेमाल करना चाहिए क्योंकि खिलाड़ियों की सुरक्षा सर्वोच्च है.' प्रसाद ने कहा कि गेंद को चमकाने के लिए लार का इस्तेमाल नहीं करने से गेंदबाजों के लिए चीजें मुश्किल हो जाएंगी लेकिन यह समय की जरूरत है.
लार के बिना गेंद को चमकाने के लिए सिर्फ पसीने का इस्तेमाल किया जा सकेगा लेकिन प्रसाद के अनुसार यह आसान नहीं होगा. प्रसाद ने कहा, 'क्योंकि सभी को पसीना नहीं आता. ऐसे में आपको किसी ऐसे खिलाड़ी के पास गेंद फेंकनी होगी जिसे पसीना आता हो. मुझे इतना पसीना नहीं आता था जबकि राहुल द्रविड़ को आता था.'
'कुछ महीने के लिए लार के इस्तेमाल को प्रतिबंधित करना होगा'
अपनी शानदार स्विंग के लिए पहचाने जाने वाले प्रवीण ने कहा कि गेंद पर पर्याप्त लार लगाने से स्विंग कराने की उनकी कला को काफी मदद मिली. प्रवीण ने मजाकिया लहजे में कहा, 'खेल दोबारा शुरू होने पर उन्हें कुछ महीने के लिए लार के इस्तेमाल को प्रतिबंधित करना होगा. गेंदबाज के रूप में हमें किसी अन्य चीज के इस्तेमाल के बारे में सोचना होगा.'
'मुझे नहीं लगता कि यह विचित्र सवाल है'
आस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज गिलेस्पी ने कहा कि खेल में लार के इस्तेमाल पर पुनर्विचार करने का समय आ गया है. गिलेस्पी ने 'एबीसी ग्रैंडस्टैंड' से कहा, 'मुझे नहीं लगता कि यह विचित्र सवाल है. इस पर असल में विचार किया जाना चाहिए.' प्रसाद ने हालांकि याद दिलाया कि गेंदबाजी सिर्फ पसीने और लार का इस्तेमाल करना नहीं है और हालात भी काफी मान्य रखते हैं.
गौरतलब है कि इस समय कोरोनावायरस ने पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले रखा है. इस वायरस से संक्रमित होकर अक तक एक लाख से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं जबकि 15 लाख से अधिक लोग इससे संक्रमित हैं.