Thursday, 14 May 2020

कई बीमारियों में लाभकारी है फिटकरी, जानें इस्तेमाल करने का तरीका

  1. कई बीमारियों में लाभकारी है फिटकरी, जानें इस्तेमाल करने का तरीका

फिटकरी का इस्तेमाल ज्यादा पुरूषों द्वारा शेव के बाद किया जाता है। लेकिन इसका प्रयोग मात्र यही तक सीमित नहीं है। फिटकरी एक एंटी बैक्टीरियल औषधि है जिसका इस्तेमाल लंबे समय से चोट लगने जलने -कटने आदि में किया जाता रहा है।

डेस्क। फिटकरी का इस्तेमाल ज्यादा पुरूषों द्वारा शेव के बाद किया जाता है। लेकिन इसका प्रयोग मात्र यही तक सीमित नहीं है। फिटकरी एक एंटी बैक्टीरियल औषधि है जिसका इस्तेमाल लंबे समय से चोट लगने, जलने -कटने आदि में किया जाता रहा है। आयुर्वेद में फिटकरी के कई लाभ बताए गए हैं। ऐसा माना जाता है कि फिटकरी से 25 तरह की समस्याएं दूर की जा सकती हैं।
इतनी महत्वपूर्ण है फिटकरी
जानकारी के मुताबिक चोट लगने पर, पसीने की बदबू दूर करने में, दांतों की समस्याओं के लिए, त्वचा पर कट जाने आदि कई समस्याओं में फिटकारी के चमत्कारी लाभ मिलते हैं। वही फिटकरी रक्त का थक्का बनाने में भी काफी लाभकारी है।
-अगर आपको कभी चोट लग जाती है और उससे लगातार खून आ रहा है तो आप तुरंत फिटकरी के पानी से घाव को धो लें। ऐसा करने से खून के तुरंत रुक जाने की संभावना रहती है। अगर घाव भर नहीं रहा हो, तो फिटकरी को तवे पर भूनकर चूर्ण बना लें. 1/4 टेबलस्पून गाय के घी में 25 ग्राम फिटकरी मिलाकर घाव पर लगाएं। कुछ ही दिनों में घाव ठीक हो जाएगा।
-फिटकरी आपके बालों का भी बेहतरीन तरीके से ख्याल रखती है। फिटकरी में एंटी-बैक्टीरियल प्रॉपर्टी होती है इसलिए इसका उपयोग सिर के जुओं को मारने में भी किया जा सकता है। अगर आपके सिर में जुएं हैं तो आप नियमित रूप से फिटकरी के पानी से स्नान किजिए। इससे जल्द ही आपको जुओं से छुटकारा मिल जाएगा।
-स्किन संबंधी बीमारियों में फिटकरी बड़ी गुणकारी होती है। त्वचा के जिस स्थान पर समस्या या फिर दाग़, खाज-खुजली आदि हुआ हो, उस स्थान को बार-बार फिटकरी के पानी से धोने से लाभ होता है।
-खांसी, दमा और बलगम में भी फिटकरी का उपयोग काफी लाभकारी है। फिटकरी का महीन चूर्ण बनाकर उसे शहद के साथ मिलाकर चाटने से दमा के साथ साथ खांसी में भी काफी लाभ मिलता है।
-दांतों में खून आता हो, तो लगभग 5 ग्राम फिटकरी का चूर्ण बना लें। उसमें जामुन की लकड़ी के कोयले को पीसकर मिला लें. इस मिश्रण को दांतों पर मलने से दांतों से खून निकलना बंद हो जाता है।