Thursday, 21 May 2020

दातो की कैविटी के साथ मुंह की दुर्गंध को ठीक करने के लिए आजमाए ये घरेलू नुस्खा


दांतों में छेद होना जिसे विज्ञान की भाषा में दन्त क्षय या कैविटी कहा जाता है। मुंह में मौजूद अम्ल के कारण दांतों के इनेमल खोखले होने लगते हैं। यानि कि अम्ल दांतों के इनेमल को प्रभावित करने लगता है जिसके कारण डेंटल केरीज या कैविटीज का निर्माण होता है। मुंह में मौजूद रहने वाले बैक्‍टीरिया दांतों कि सतह पर जमा होने लगते हैं जिसे पट्टिका (प्लाक) कहा जाता है।


प्‍लेक में मौजूद बैक्‍टीरिया आपके खाने में मौजूद शुगर एवं कार्बोहाइडेट को अम्ल में परिवर्तित कर देता है इसी अम्ल के कारण दांत खोखले होने लगते हैं, फलत: कैविटी का निर्माण होता है। संभवतः बैक्‍टीरिया की वजह से दांत की जड़ों में या मसूड़ों में जो सूजन आ जाती है, या दांतों का जड़ खुलने के कारण वह अम्ल इत्यादि के संपर्क में आने लगता है, उसी के कारण पीड़ा होती है।


कैविटी के लिए लौंग का तेल
लौंग कैविटी के साथ-साथ किसी भी प्रकार की दांतों से जुडी समस्‍याओं के लिए रामबाण होता है। एंटी-इंफ्लेमेंटरी, एनाल्‍जेसिक और एंटी-बैक्‍ट‍ीरियल गुणों के कारण लौंग दर्द को कम करने और कैविटी को फैलने से रोकता है। समस्‍या होने पर 1/4 चम्‍मच तिल के तेल में 2 से 3 बूंदें लौंग के तेल की मिलाकर लें। इस मिश्रण को रात को सोने से पहले कॉटन बॉल में लेकर प्रभावित दांत में लगाये। इससे कैविटी दूर होने के साथ ही मुंह की बदबू से भी छुटकारा मिलेगा।