Thursday, 21 May 2020

कब्ज और बवासीर के लिए आयुर्वेदिक औषधि है ये सब्जी, पीड़ित लोग जरूर जान लें

आयुर्वेद में हर एक सब्जी का फायदा बताया गया है, लेकिन आज हम आपको जिस सब्जी के बारे में बताने जा रहे हैं वह सब्जी जिमीकंद है, यह सब्जी मिट्टी के अंदर उगती है, इस सब्जी को सुरन के नाम से भी जानते हैं, इस सब्जी के अंदर विटामिन सी, फाइबर, विटामिन बी सिक्स, विटामिन b1, फोलिक एसिड और नियासिन जैसे तत्व मौजूद होते हैं, इसी के साथ इसमें फास्फोरस, कैल्शियम, मैग्नीशियम, आयरन, पोटेशियम और मिनरल्स मौजूद होते हैं जो बेहद फायदेमंद है, इस सब्जी को अलग-अलग क्षेत्र में अलग-अलग नाम से जानते हैं, आपके यहां किस नाम से जानते हैं कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं, आपको बता दें जिमीकंद में कॉपर मौजूद होता है जो लाल रक्त कोशिकाओं को बड़ा कर शरीर में ब्लड के बहाव को दुरुस्त करता है और आयरन ब्लड सरकुलेशन को ठीक करता है|

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जिमीकंद खाने से मेमोरी पावर बढ़ती है और अल्जाइमर रोग ठीक होता है, यह दिमाग को तेज करने के लिए बेहद फायदेमंद है, क्योंकि इसके अंदर एंटी ऑक्सीडेंट विटामिन ए, सी और beta-carotene पाया जाता है जो दिमाग को स्वस्थ बनाता है और कैंसर जैसे रोग को बढ़ने से रोकता है, इसके अंदर मौजूद beta-carotene फ्री रेडिकल्स से लड़ने में सहायक है, साथ ही इसमें मौजूद anti-inflammatory गुण गठिया और अस्थमा रोग के लिए भी सबसे बेस्ट है, आप को बता दें जिमीकंद के अंदर पोटेशियम मौजूद होता है जो पाचन क्रिया को दुरुस्त करने में काफी मदद करता है, यह कब्ज और खराब कोलेस्ट्रॉल की समस्या को भी दूर करता है, इसमें विटामिन बी सिक्स मौजूद होता है जो दिल की बीमारी से लड़ने में मदद करता है, इतना ही नहीं यह रक्तचाप को भी नियंत्रित करता और ह्रदय को स्वस्थ बनाता है|

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जिमीकंद के अंदर ओमेगा 3 काफीअच्छी मात्रा में मौजूद होता है जो खून के थक्के जमने से रोकता है, इसका उपयोग बवासीर, सांस, खांसी अमावत और कृत्रिम रोग में किया जाता है, नियमित इस की सब्जी खाने से बवासीर में लाभ मिलता है, यह पेट के रोगों से लड़ने में मददगार है, यदि आप इसे सही तरीके से उबालकर नहीं खाते हैं तो यह गले में खराश पैदा करता है, इस काटते समय भी हाथों में खुजली हो सकती है, आयुर्वेद के अनुसार जिमीकंद उन लोगों को नहीं खाने चाहिए जिन्हें चर्म रोग हो रहा है|