Saturday, 16 May 2020

बड़ी खबर : बंदरों पर असर की कोरोना की दवाई, अब इंसानों को दी जाएगी


कोरोना वायरस महामारी से पूरी दुनिया में हाहाकार मचा है और इसके कारण अब तक दुनियाभर में 3 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 44 लाख से अधिक संक्रमित हो चुके हैं। इस बीच कोरोना वायरस के खात्मे को लेकर दुनियाभर में वैक्सीन बनाने की दिशा में काम चल रहा है। इस बीच ब्रिटेन से एक बड़ी खबर सामने आई है।
ब्रिटेन के सबसे बड़े कोरोना वायरस वैक्सीन प्रॉजेक्ट में ऑक्सोर्ड यूनिवर्सिटी को बड़ी सफलता मिली है। वैक्सीन को लेकर बंदरों पर की गई स्टडी में वायरस के खिलाफ इम्यूनिटी बढ़ती देखी गई है और सबसे बड़ी बात की इसका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं मिला है।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्स्टी की ओर से ChAdOx1 nCoV-19 का ट्रायल कर रहे शोधकर्ताओं ने ये बताया कि वैक्सीन का ट्रायल 6 Rhesus Macaque बंदरों पर किया गया। इसमें पाया गया है कि इस वायरस से लड़ने के लिए उनका इम्यूनिटी सिस्टम तैयार हो गया है।
वैक्सीन देने पर बंदरों में दिखा ये बदलाव
शोधकर्ताओं ने पाया कि 'SARS-CoV-2 से जिन जानवरों को वैक्सीन दी गई, उनके फेफड़ों और सांस की नली के टिशू में वायरस की मात्रा काफी थी, जबकि जिनको वैक्सीन नहीं दी गई उनमें काफी बढ़ा हुआ था। इतना ही नहीं वैक्सीन देने वाले जानवारों को निमोनिया भी नहीं हुआ।
शोध के दौरान यह भी परिणाम सामने आया कि वैक्सीन की एक डोज से फेफड़ों को होने वाले नुकसान से भी बचाया जा सका। बहरहाल, शोधकर्ताओं ने अभी ये नहीं बताया है कि इस वैक्सीन का असर इंसानों पर कितना होगा। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के जेनर इंस्टिट्यूट की वैक्सनॉलजी प्रफेसर सेरा गिलबर्ट का कहना है कि ज्यादा आबादी पर इस्तेमाल करने से पहले इसे टेस्ट करके डेटा लिया जाना है और साबित करना है कि यह काम करती है और वायरस को फैलने से रोकती है।
इस साल के अंत तक मिल जाएगा वैक्सीन
बंदरों पर कोरोना वैक्सीन के सफल परीक्षण के बाद अब ये कहा जा रहा है कि इस साल के अंत तक दवा के उत्पादन की उम्मीद है। ब्रिटेन की दवा बनाने वाली कंपनी AstraZeneca ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के साथ पार्टनरशिप की है।
AstraZeneca ने ये दावा किया है कि ट्रायल सफल होने पर साल के अंत तक दवा के 100 मिलियन डोज तैयार कर लिए जाएंगे।
केन्या के लोगों पर पहले होगा टेस्ट
ऐसा कहा जा रहा है कि यदि ब्रिटेन इस वैक्सीन के ट्रायल में सफल रहता है तो फिर ऑक्सफोर्ड की टीम केन्या मेडिकल रीसर्च इंस्टिट्यूट के साथ मिलकर केन्या की सरकार से वहां टेस्ट करने की इजाजत लेगी।
आपको बता दें कि दुनिया के कई देशों के वैज्ञानिक जानवरों पर वैक्सीन के सफल परीक्षण का दावा कर चुके हैं, लेकिन अभी तक इंसानों में सफल परीक्षण का कोई भी मामला सामने नहीं आया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की ओर से भी बीते दिनों ये कहा गया है कि 7-8 टीमें वैक्सीन बनाने के करीब है, हमें बहुत जल्द सफलता मिल जाएगी।