Sunday, 14 June 2020

डिप्रेशन में थे सुशांत सिंह राजपूत, इन 20 लक्षणों से समझें कहीं अंदर से आपको भी तो नहीं खा रही यह बीमारी

हिंदी फिल्म जगत के युवा अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या करने की खबर ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। 34 वर्षीय के अभिनेता ने कथित तौर पर अपने बांद्रा स्थित आवास पर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. सुशांत सिंह ने आत्महत्या क्यों की? इस सवाल का जवाब अभी स्पष्ट नहीं है लेकिन बताया जा रहा है कि वो पिछले 6 महीनों से अवसाद यानी (Depression) से पीड़ित थे।


जीवन में कई बार ऐसे मोड़ आते हैं जब व्यक्ति जरूरत से अधिक उदासी का अनुभव करने लगता है। जीवन से हताश हो जाता है और नकारात्मकता की ओर बढ़ने लगता है। वह खुद को और अपनी सोच को सीमित कर लेता है और बाहरी दुनिया से भी धीरे-धीरे नाता तोड़ने लगता है। उसे किसी बात में दिलचस्पी नहीं रहती है। स्वभाव में आने वाले ऐसे बदलाव डिप्रेशन की ओर इशारा करते हैं। चलिए जानते हैं कि डिप्रेशन क्या है, इसके कारण, लक्षण और किस तरह इसका उपचार किया जा सकता है।


वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO)की इस रिपोर्ट के मुताबिक दुनिया भर में 322 मिलियन लोग डिप्रेशन से पीड़ित हैं और इसमें से आधे लोग दक्षिण पूर्वी एशिया के हिस्सों से ही आते हैं। और यहां भी भारत और चीन दो ऐसे देश हैं जहां डिप्रेशन से पीड़ित रोगियों की जनसंख्या सबसे अधिक है और धीरे-धीरे बढ़ती चली जा रही है। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य द्वारा 2015-16 में किए गए एक सर्वे के अनुसार देश में 15 करोड़ से भी अधिक लोग मानसिक रोगों से जूझ रहे हैं। और इसमें केवल डिप्रेशन के आंकड़े ही आसमान की छू रहे हैं। 

डिप्रेशन क्या है (What is Depression)

डिप्रेशन या अवसाद, यह एक प्रकार का मानसिक स्वास्थ्य विकार है। इसकी जड़ें तनाव और अत्यधिक सोचना हो सकती हैं। जीवन में चल रही कठिनायों के कारण तनाव ग्रस्त होना, चिंता में रहना, बेहद उदास होना, किसी भी व्यक्ति या चीज से लगाव ना रखना, सबसे दूर रहना, ये सभी कारण धीरे-धीरे व्यक्ति में डिप्रेशन को पैदा करते हैं।

डिप्रेशन के कारण (Causes of Depression)

1) मानसिक आघात
किसी लक्ष्य में असफलता मिलना, किसी बड़े नुकसान, किसी प्रियजन की मृत्यु या किसी बहुत करीबी से बिछड़ जाने का दुःख जब दिमाग पर हावी होने लगता है तो यह व्यक्ति को डिप्रेशन की ओर ले जाता है। 
2) शारीरिक रोग
लंबे समय से यदि रोग पीछा ना छोड़े तो ऐसा मरीज जीवन से अपनी चाहता को छोड़ देता है और डिप्रेशन में चला जाता है।
3) कमजोर व्यक्तित्व
कुछ लोग भावनात्मक रूप से काफी कमजोर होते हैं। इन लोगों के जीवन में जैसे ही कोई बदलाव आता है ये लोग मानसिक रूप से उसे स्वीकार नहीं कर पाते हैं। 
4) जेनेटिक 
विभिन्न शोध के अनुसार डिप्रेशन आनुवांशिक भी हो सकता है। यदि माता-पिता डिप्रेशन सी पीड़ित हैं तो यह परेशानी उनके बच्चे में भी आ सकती है।