Friday, 26 June 2020

आपातकाल के 45 साल: बीजेपी ने कांग्रेस पर किया वार, मोदी बोले- लोकतंत्र के रक्षकों को देश कभी नहीं भूलेगा

आपातकाल को पूरे हो रहे हैं 45 साल ...
देश में आपातकाल के 45 साल पूरे होने पर आज (25 जून) बीजेपी ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद नरेंद्र मोदी ने भी आपातकाल (Emergency) के दौर को याद कर लोकतंत्र की रक्षा करने वाले वीरों को याद किया। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा, आपातकाल के समय भारत के लोकतंत्र की रक्षा के लिए जिन लोगों ने संघर्ष किया, यातनाएं झेलीं, उन सबको मेरा नमन। उनका त्याग और बलिदान देश कभी नहीं भूलेगा।
शाह का कांग्रेस पर वार
आपातकाल को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। शाह ने गुरुवार सुबह कई ट्वीट के माध्यम से कांग्रेस पर आरोप लगाया कि, 45 साल पहले एक पार्टी ने सत्ता की लालसा के लिए देश पर आपातकाल थोप दिया, रातों-रात पूरे देश को एक जेल में परिवर्तित कर दिया गया। प्रेस, अदालत और बोलने की आजादी खत्म कर दी गयी। गरीबों पर अत्याचार किया गया। लाखों लोगों की जद्दोजहद की वजह से आपातकाल तो खत्म हो गया, लेकिन कांग्रेस में यह मानसिकता अभी भी कायम है। एक परिवार की इच्छा पूरी पार्टी पर भारी पड़ती है।
शाह ने हाल ही में कांग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक में हुये घटनाक्रम की ओर इशारा करते हुए कहा, बैठक में एक वरिष्ठ और युवा नेता को बोलने से रोका गया, उन्हें डांट कर चुप करा दिया गया। साथ ही कांग्रेस के एक प्रवक्ता को जबरन पद से हटा दिया गया। उन्होंने कहा, असल में कांग्रेस के नेता पार्टी में घुटन महसूस कर रहे हैं।
कांग्रेस खुद से पूछे ये सवाल- शाह
अमित शाह ने कांग्रेस को खुद से सवाल करने की बात भी कही है। उन्होंने कहा, कांग्रेस विपक्षी पार्टी होने के नाते खुद से ये पूछने की जरूरत है कि, अब तक आपातकाल वाली मानसिकता क्यों है। ऐसा क्यों है कि जो लोग राजवंश से संबंधित नहीं हैं, उनको पार्टी में बोलने नहीं दिया जाता? क्यों कांग्रेस के नेता पार्टी में कुंठित हो रहे हैं? और क्यों कांग्रेस पार्टी आम आदमी से दूर होती जा रही है?
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ट्वीट कर कहा, भारत उन सभी महानुभावों को नमन करता है, जिन्होंने भीषण यातनाएं सहने के बाद भी आपातकाल का जमकर विरोध किया। 
वहीं केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, 45 साल पहले कांग्रेस की तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी ने अपनी कुर्सी बचाने के लिए देश में आपातकाल लगा दिया था, क्योंकि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनके चुनाव को गलत ठहरा दिया था। आज का दिन कांग्रेस के अलोकतांत्रिक व्यवहार के खिलाफ भारत के लोगों के बलिदानों को याद करने का दिन है।
बता दें कि, 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक देश में 21 महीने के लिए इमर्जेंसी लगाई गई थी।