Monday, 15 June 2020

बालकनी से कूदकर आत्‍महत्‍या करना चाहता था भारतीय क्रिकेटर, सुशांत सिंह राजपूत की मौत पर कही ऐसी बात


बॉलीवुड के बेहतरीन एक्‍टर्स में शुमार सुशांत सिंह राजपूत (Sushant Singh Rajput) ने रविवार को आत्‍महत्‍या कर ली. उन्‍होंने अपने घर में फांसी लगा ली थी. कहा जा रहा है कि वो डिप्रेशन से जूझ रहे थे, जिसके बाद उन्‍होंने ऐसा कदम उठाया. सुशांत के निधन के बाद एक बार फिर डिप्रेशन का मुद्दा उठ चुका है. मानिसक स्‍वास्‍थ्‍य पर बात की जा रही रहे हैं. भारत को 2007 में पहला टी20 वर्ल्‍ड कप जीताने में अहम भूमिका निभाने वाले खिलाड़ी रॉबिन उथप्‍पा (Robin Uthappa) को भी सुशांत की खबर से झटका लगा. उन्‍होंने इस पर दुख जताने के साथ ही डिप्रेशन पर ऐसी बात कही कि हर कोई सोचने को मजबूर हो गया. दो साल तक खुद डिप्रेशन से जूझने वाले रॉबिन उथप्‍पा ने कुछ समय खुलासा किया था कि उनके मन में भी बालकनी से कूदकर आत्‍महत्‍या करने का विचार आया था. सुशांत की मौत पर उथप्‍पा ने कहा कि यह समझ के परे हैरानीभरा है. उस दर्द की कल्‍पना नहीं कर सकते, जिससे सुशांत आप जूझ रहे थे.
अंदर जो चल रहा है, उस पर चर्चा करेंरॉबिन उथप्‍पा ने कहा कि अगर आप ठीक नहीं हैं तो इसमें कोई भी बुरी बात नहीं हैं. जरूरी यह है कि हम उस पर बात करें, जो हमारे अंदर चल रहा है. उन्‍होंने कहा कि मैं इसे बार बार नहीं दोहरा सकता. हम जो महसूस कर रहे हैं, उसके बारे में बात करने की जरूरत है. हम जितना समझते हैं, उससे ज्‍यादा मजबूत होते हैं. अगर आप ठीक नहीं हैं तो कोई बात नहीं.

दो साल तक डिप्रेशन से जूझते रहे
कुछ समय पहले ही रॉबिन उथप्‍पा ने खुलासा किया था कि 2009 से 2011 के बीच वह आत्‍महत्‍या के विचारों से जूझते रहे थे और उस समय क्रिकेट ही एकमात्र वजह थी कि जिसने उन्‍हें बालकनी से कूदने से रोका था. उन्‍होंने बताया कि उस मुश्किल समय में वह इधर उधर बैठकर सिर्फ यही सोचते थे कि दौड़कर जाएं और बालकनी से कूद जाएं. मगर किसी चीज ने उन्‍हें रोके रखा. इसके बाद उन्‍होंने डायरी लिखनी शुरू की और एक इंसान के तौर पर खुद को समझना शुरू किया. बाहरी मदद भी ली, ताकि जीवन में बदलाव ला सकें.