Saturday, 27 June 2020

मोबाइल पर रिजल्ट देखते ही अंकित को पड़ा दिल का दौरा, नहीं बर्दाश्त कर पाया सदमा


उत्तर प्रदेश में आज बोर्ड परीक्षा का रिजल्ट आया है। इसे लेकर किसी परिवार में खुशी का माहौल है तो कहीं गम का। लेकिन उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले के एक परिवार के लिए तो यह रिजल्ट मानो कहर बरपाने वाला बन गया। रिजल्ट देखते ही उनके बच्चे को सदमा लगा और हार्ट अटैक ने छात्र की जान ही ले ली।
घटना मैनपुरी जिले के घिरोर कस्बे के मोहल्ला खेड़ा की है। यहां के निवासी राजेश कुमार के 18 वर्षीय पुत्र अंकित कुमार का आज 12वीं कक्षा का परिणाम निकला। परिजनों ने बताया कि जैसे ही शनिवार की दोपहर 1:30 बजे के आसपास उसने मोबाइल पर अपना रिजल्ट देखा, उसकी तबीयत बिगड़ गई।
परिजनों के मुता​बिक वह मोबाइल पर अपना रिजल्ट देख रहा था, जिसमें इंटरमीडिएट की परीक्षा में वह फेल हो गया था। हिंदी के अलावा अंकित अन्य सभी चार विषयों में फेल हो गया था। यह सदमा वह बर्दाश्त नहीं कर पाया और दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई। अंकित की हालत लगातार बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
इस घटना ने एक बार फिर हमें यह सोचने को मजबूर कर दिया है कि क्या हम अपने बच्चों को इतना कमजोर बना रहे हैं कि वह एक छोटा सा सदमा भी बर्दाश्त न कर पाए! ​हमारी शिक्षा नीति पर भी यह सवाल खड़े करता है कि क्या छात्रों को केवल पास और फेल से ही जीवन को आंकने की सीख दी जा रही है! अगर ऐसा है तो हम सभी को अपनी मानसिकता बदलने की जरूरत है। साथ ही जरूरत इस बात की भी है कि हम अपनी भावी पीढ़ी को शारीरिक व मानसिक, दोनों ही तौर पर मजबूत बनाएं। इतना मजबूत कि वे हर तरह की परिस्थितियों से जूझने के लिए तैयार रहें।