Saturday, 13 June 2020

पंचायत में लड़की को पति और प्रेमी में से एक को चुनना था, लड़की ने झट से प्रेमी को पहना दी माला, फिर क्या मच गया बबाल

शिवपुरी देहात थानांतर्गत अहीर मोहल्ला में बुधवार दोपहर एक युवती ने प्रेमी और मंगेतर में से प्रेमी का चयन कर स्वयंवर रचाया। इस विवाह को कानूनी रूप से मान्य कराने के लिए कोर्ट पहुंची, जहां दोनों ने एक बार फिर एक-दूसरे को माला पहनाकर विवाह करने के साथ नोटरी वकील के समक्ष विवाह को कानूनी रूप प्रदान किया। जानकारी के अनुसार, अहीर मोहल्ला निवासी रश्मी जोशीका पड़ोस में रहने वाले लोकेश जोशी से लंबे समय से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। 
रश्मी के परिजनों ने सगाई कैलवाड़ा राजस्थान निवासी मनीष जोशी के साथ तय कर दी। देवउत्थान एकादशी पर रश्मी के परिजन उसकी शादी मनीष के साथ करने वाले थे, जबकि रश्मी उसके साथ शादी करने को तैयार नहीं थी। रश्मी व लोकेश ने किसी तरह से मनीष तक उन दोनों के बीच के संबंधों की बात पहुंचा दी। दोनों परिवारों में बातचीत हुई। बुधवार को रश्मी के परिवार वालों ने मनीष व उसके परिवार वालों को शिवपुरी बुलाया, जब वह लोग रश्मी के घर पहुंचे तभी लोकेश भी वहां पहुंच गया।
दोनों पक्षों में काफी बहस हुई और परिवार, समाज, रिश्तेदारों की पंचायत बुलाई गई, लेकिन न तो लोकेश की समझ में कुछ आया और न ही रश्मी कुछ समझने को तैयार थी। आखिरकार सभी ने मिलकर यह निर्णय लिया और लोकेश व मनीष को देवताओं के चबूतरे के सामने खड़ा कर दिया, इसके बाद रश्मी को एक माला दी गई तथा उससे कहा, वह बिना किसी दबाव व डर के उस लडक़े के गले में माला पहना दे जो उसे पसंद हो। रश्मी माला लेकर लोकेश की तरफ जाने लगी तो परिवार वालों ने उसे कमरे में बंद कर दिया। लोकेश के कुछ समर्थक, मित्र व मां पहुंच गई। 
काफी कहासुनी के बाद एक बार फिर रश्मी को बाहर बुलाया गया तो इस बार भी लोकेश की तरफ कदम बढ़ाए तथा उसके गले में माला पहनाकर लोकेश को हमसफर चुन लिया। मंगलवार शाम को भी काफी विवाद की स्थिति निर्मित हुई थी। रश्मी के परिजनों के अनुसार लोकेश ने रश्मी का अपहरण करने का प्रयास किया और हाथापाई भी की। परिजनों का कहना था कि हम पुलिस के पास इसलिए नहीं गए, क्योंकि रश्मी लोकेश के पक्ष में ही बोल रही थी।