Thursday, 25 June 2020

फेयर एंड लवली से हटा 'फेयर', बिपाशा बसु और सुहाना खान ने दिया रिएक्शन, शेयर किया पॉवरफुल पोस्ट

Fair & Lovely



हिन्दुस्तान यूनीलीवर ने अपने ब्राण्ड 'फेयर एंड लवली' क्रीम से 'फेयर' शब्द हटाने का फैसला लिया है। कंपनी ने अब 'ग्लो एण्ड लवली' के लिये ट्रेडमार्क पंजीकरण आवेदन किया है। इस ब्रांड की पैकेंजिंग से फेयर, व्हाइटनिंग और लाइटनिंग जैसे शब्दों को हटा दिया जाएगा। रंगभेद को लेकर दुनिया भर में हो रहे प्रदर्शन के बाद 'फेयर एंड लवली' के इस फैसले का सभी ने उत्साह से स्वागत किया है।
लंबे वक्त से सोशल मीडिया पर फेयरनेस क्रीम और अन्य उत्पादों को बनाने वाली सभी कंपनियां आलोचना का शिकार हो रही हैं। लोगों का मानना है कि यह नस्लवादी व्यवहार को बढ़ाने में और योगदान दे रहा है और इससे जुड़े सभी रुढ़ियों को बढ़ावा दे रहा है। लिहाजा, अब फेयर एंड लवली के इस फैसले की लोग तारीफ कर रहे हैं।
अभिनेत्री बिपाशा बसु ने अपना पोस्ट शेयर करते हुए मॉडलिंग और एक्टिंग के दिनों को याद करते हुए कहा कि उन्हें हमेशा सांवले रंग को लेकर खास टिप्पणी सुननी पड़ी थी, लेकिन उन्होंने इसे अपना ताकत बनाया।
वो थोड़ी सावंली है ना?

वो थोड़ी सावंली है ना?

बिपाशा बासु ने लिखा, 'जबसे मैं बड़ी हो रही थी तो मुझे हमेशा यही सुनने को मिलता था कि बोनी सोनी से ज्यादा डार्क है। वो थोड़ी सावंली है ना? मेरी मां भी सांवले रंग की खूबसूरत महिला रहीं और मैं काफी हद तक उनकी तरह दिखती थी। मुझे कभी समझ नहीं आया कि जब मैं बच्ची थी तो रिश्तेदार रंग को लेकर इतनी चर्चा क्यों करते थे।'

सांवली लड़की बनी विनर

"15-16 की उम्र में मैंने मॉडलिंग शुरू की और मैंने सुपरमॉडल का कॉन्टेस्ट भी जीता। सभी न्यूजपेपर में पढ़ा, कोलकाता की सांवली लड़की बनी विनर। मैं दोबारा हैरान रह गई कि सांवला रंग मेरी पहली विशेषता कैसे हो सकती है?"

फिल्मों में डेब्यू

"इसके बाद मैं न्यूयॉर्क और पेरिस गई और बतौर मॉडल काम किया। मुझे अहसास हुआ कि वहां मेरे स्किन कलर को काफी पसंद किया गया और मुझे ज्यादा काम और अटेंशन मिली। मैं इंडिया वापस आई और फिल्में मिलनी शुरू हो गईं। मैंने पहली मूवी की और हिंदी फिल्म इंडस्ट्री से पूरी तरह अनजान थी। अचानक मुझे स्वीकार कर लिया गया और प्यार मिलने लगा, लेकिन वो विशेषण (रंग) साथ में रहा और फिर मैं इसे पसंद करने लगी।"