Saturday, 4 July 2020

गुरु पूर्णिमा पर लगेगा मांद्य चंद्र ग्रहण, इन 5 राशियों पर पड़ेगा प्रभाव


रविवार 5 जुलाई को पिछले चंद्र ग्रहण से ठीक एक महीने बाद चंद्र ग्रहण लग रहा है। हालांकि इस चंद्रग्रहण का तात्‍कालिक प्रभाव भारत में नहीं देखा जा सकेगा।
दुनिया के दूसरे हिस्‍से में यह ग्रहण सुबह 8:37 बजे शुरू होगा और सुबह 9:59 बजे अधिकतम ग्रहण ग्रास को प्राप्त करेगा। सुबह 11:37 बजे तक चंद्र ग्रहण समाप्‍त हो जाएगा। ग्रहण की कुल अवधि 2 घंटे 43 मिनट और 24 सेकेंड के लगभग होगी।
पूरे साल में अलग-अलग 6 ग्रहणों को लेकर आए साल 2020 का जुलाई महीना एक और ग्रहण का गवाह बन रहा है। इस बार 5 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के दिन चंद्र ग्रहण लग रहा है। अभी से ठीक एक माह पहले 5 जून को चंद्र ग्रहण और 21 जून रविवार को सूर्य ग्रहण लगा है। 5 जुलाई को फिर से चंद्र ग्रहण है। यह अपने साथ छोटे-बड़े कई प्रभाव लेकर आएगा।
5 जुलाई 2020 को गुरु पूर्णिमा मनाई जाएगी। इस बार गुरु पूर्णिमा पर राहु मिथनु राशि में सूर्य के साथ, केतु धनु राशि में चंद्र-गुरु के साथ रहेगा और मांद्य चंद्र ग्रहण होगा। इसे उपच्छाया और पेनुमब्रल चंद्र ग्रहण कहते हैं। भारतीय समय के अनुसार रविवार सुबह 8.37 बजे से 11.22 बजे तक रहेगा। ये ग्रहण भारत में नहीं दिखेगा, लेकिन अमेरिका और अफ्रीका में चंद्र के ऊपर धूल जैसी परत दिखाई देगी।
ज्योतिष के अनुसार मांद्य चंद्र ग्रहण का किसी भी प्रकार का धार्मिक असर नहीं रहता है। इसका सूतक भी नहीं होगा। गुरु पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण का योग 19 साल पहले 5 जुलाई 2001 को बना था। उस दिन भी गुरु पूर्णिमा पर सूर्य-राहु मिथुन राशि में थे और साथ में गुरु भी था। धनु राशि में केवल चंद्र-केतु थे। 2020 वाला चंद्र ग्रहण मांद्य है, जबकि 2001 में आंशिक चंद्र ग्रहण हुआ था। आंशिक चंद्र ग्रहण में सभी नियम मान्य होते हैं।
अब 18 साल गुरु पूर्णिमा पर होगा मांद्य चंद्र ग्रहण
2020 के बाद 16 जुलाई 2038 में यानी 18 साल बाद इसी तरह का योग बनेगा। उस समय भी सूर्य-राहु की मिथुन राशि में, चंद्र-केतु की युति धनु राशि में होगी और गुरु पूर्णिमा पर मांद्य चंद्र ग्रहण होगा।
क्या होता है उपच्छाया ग्रहण?
ये मांद्य यानी उपच्छाया चंद्र ग्रहण है। मांद्य का अर्थ है न्यूनतम यानी मंद होने की क्रिया। इसलिए इस चंद्र ग्रहण को लेकर सूतक नहीं रहेगा। इसका किसी भी तरह का धार्मिक असर नहीं होगा। इस ग्रहण में चंद्र के आगे पृथ्वी की धूल जैसी छाया रहेगी। ये ग्रहण विशेष उपकरणों से आसानी से समझा जा सकेगा।
इन राशियों पर पड़ने वाला है चंद्र ग्रहण का अशुभ प्रभाव
सूर्य ग्रहण के बाद 5 जुलाई को गुरु पूर्णिमा के दिन साल का तीसरा चंद्रग्रहण लग रहा है। 2017 के बाद गुरु पुर्णिमा के दिन यह चंद्र ग्रहण लगने जा रहा है। हालांकि यह उपछाया चंद्रग्रहण होगा, इसका चंद्रमा के आकार का कोई फर्क नहीं पड़ेगा अर्थात चंद्रमा सामान्य दिनों की तरह ही नजर आएगा। चंद्रग्रहण का राशियों पर जरूर असर पड़ेगा, जिसकी वजह से हमारे जीवन पर अच्छा और बुरा प्रभाव देखने को मिलेगा।
साल के इस तीसरे चंद्रग्रहण के प्रभाव से 12 राशियों में 5 राशियों को अधिक सजग और सतर्क रहना होगा क्योंकि इन पर ग्रहण का विपरीत प्रभाव रहेगा। आइए जानते हैं किन राशियों पर पड़ेगा क्या असर.
★ मिथुन राशि - वाद विवाद से बचे
मिथुन राशि पर चंद्रग्रहण का सबसे ज्यादा प्रभाव देखने को मिलेगा। इस दौरान किसी तरह के वाद-विवाद से दूर रहें और उपाय करके ही घर से निकलें। साथ ही अपने स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखें। इसका असर आपके काम पर भी पड़ सकता है, जिसको करने पर जरूरत से ज्यादा वक्त लगेगा। इस वक्त आपका खर्चे भी बढ़ सकते हैं, जिसको लगाम लगाने की जरूरत होगी। अगर आपकी आंख में किसी भी तरह की समस्या है तो डॉक्टर को जरूर दिखाएं।
★ सिंह राशि - व्यर्थ में पैसा फंसाने से बचे
सिंह राशि वालों के लिए यह ग्रहण थोड़ा भारी पड़ सकता है। इस वक्त आपको भूमि और वाहन के खरीदने के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए और कहीं पर भी पैसा नहीं फंसाना चाहिए, अन्यथा रिटर्न में परेशानी आ सकती है। आपको व्यापार में अधिक मेहनत करनी पड़ेगी, जिससे आपको ज्यादा हानि नहीं होगी। साथ ही किसी भी तरह के बड़े फैसलों में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। बेवजह अधिकारियों और सरकार से वाद-विवाद की स्थिति ना बनाएं, अन्यथा आपको नुकसान हो सकता है।